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उत्तराखंड में ऊंची चोटियों पर मौसम की पहली बर्फबारी, नदी में समाया कैलास मानसरोवर मार्ग का बड़ा हिस्सा

Published: Sun, 06 Sep 2026 09:49 AM (IST)

उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात हुआ है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।

HighLights

  1. उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर हुआ मौसम का पहला हिमपात

  2. पिथौरागढ़ में भारी बारिश से काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर

  3. कैलाश मानसरोवर, नारायण आश्रम मार्ग बंद, 14 गांव अलग-थलग

जागरण संवाददाता, मुनस्यारी हिमालय की ऊंची चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात होने की सूचना है। मानसून कल में 15 अगस्त के बाद से ही हिमपात होना शुरू होता है। यह हिमपात पाउडर जैसा रहता है और जल्दी पिघल जाता है।

जानकारी के अनुसार सर्वाधिक ऊंची चोटी नंदादेवी, नंदाकोट, हरदेवल, त्रिशूली सहित पंचाचूली की भी चोटियों पर हिमपात हुआ। पंचाचूली की चोटियों में बहुत ही हल्का हिमपात हुआ है। चोटियों पर मौसम के पहले हल्के हिमपात के बाद से तापमान में हल्की गिरावट आने लगी है।

कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर सड़क का बड़ा हिस्सा बहा

पिथौरागढ़ में रविवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। बारिश ने पूरे जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है । उच्च हिमालयी चोटियों पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट में सुबह हल्का हिमपात दर्ज किया गया। वहीं निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन का सिलसिला जारी है।

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लगातार बारिश के कारण भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले सामरिक मार्गों पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर एस बैंड प्यलसिती के समीप भीषण भूस्खलन होने से सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह वाशआउट होकर नदी में बह गया है, जिससे चीन सीमा का संपर्क भंग हो गया है। इसके अलावा मुनस्यारी-मिलम मार्ग भी मलबा आने से बंद पड़ा है।

जिले के अन्य प्रमुख मोटर मार्गों का भी बुरा हाल है। घाट के निकट मुन्ना बैंड के पास भारी मलबा आने से टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। दिल्ली बैंड के पास पहाड़ी से बड़े बोल्डर गिरने के कारण घाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग पर भी यातायात ठप हो गया है।

जौलजीबी-मुनस्यारी मोटर मार्ग भी बालमारा के पास मलबा आने से बाधित है।भारी बारिश और भूस्खलन से जिले भर में कुल 21 मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। ग्रामीण इलाकों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। उधर, धारचूला में उफनाई काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है, जिससे नदी किनारे बसे लोगों में दहशत है। सीमा सड़क संगठन और लोनिवि की मशीनरी मार्ग खोलने में जुटी है।

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