यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
घरवालों ने बेटी को स्कूल जाने से रोका, वह चल पड़ी आत्महत्या करने
पढ़ाई रोके जाने से क्षुब्ध एक किशोरी आत्महत्या करने घर से निकल पड़ी। पुल पर से छलांग लगाई। लेकिन तभी एक चमत्कार हुआ।

कोटद्वार, [जेएनएन]: घरवालों की ओर से पढ़ाई रोके जाने से क्षुब्ध एक किशोरी आत्महत्या करने घर से निकल पड़ी। पुल पर से छलांग लगाई। लेकिन तभी एक चमत्कार हुआ।
जानकारी के अनुसार, रविवार को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में झंडा चौक-सिद्धबली मंदिर के मध्य ऑटो चालकों की हड़ताल के चलते झंडा चौक से एक किशोरी ने सिद्धबली मंदिर की ओर जा रहे एक स्कूटी सवार से लिफ्ट मांगी।
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स्कूटी सवार युवक ने किशोरी को लिफ्ट दे दी। युवक नवीन ने बताया कि सिद्धबली मंदिर के पुल पर पहुंचते ही किशोरी स्कूटी से उतर गई व उससे मोबाइल मांग किसी को फोन करने लगी।
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नवीन ने बताया कि फोन में उक्त किशोर मरने की बात कह रही थी, जिस पर उसका माथा ठनका। वह भी स्कूटी को स्टैंड पर खड़ा कर पुल पर ही उतर गया। बताया कि किशोरी ने उसका मोबाइल लौटाया व पुल की रेलिंग पर चढ़ने का प्रयास करने लगी। नवीन ने बताया कि उसने आसपास मौजूद लोगों की मदद से किशोरी को रेलिंग से नीचे उतार पूरी घटना के बारे में जानना चाहा।
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किशोरी का कहना था कि उसके माता-पिता उसे दसवीं कक्षा से आगे नहीं पढ़ा रहे हैं, जिस कारण वह मानसिक रुप से बहुत परेशान है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस किशोरी के परिजनों को घटना की सूचना देने के साथ ही किशोरी को अपने साथ कोतवाली में ले आई।

