यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बीएसएनएल में घाटे से बचने के लिए अब कर्मियों को वीआरएस देने की तैयारी nainital news
लगातार घाटे से जूझ रहे भारत संचार निगम को केंद्र सरकार से वीआरएस लेने की सुविधा देने के बाद अब कुमाऊं मंडल के चार जिलों के 65 प्रतिशत कर्मचारी इसके लिए आवेदन कर चुके हैं।

अल्मोड़ा, जेएनएन : लगातार घाटे से जूझ रहे भारत संचार निगम को केंद्र सरकार से वीआरएस लेने की सुविधा देने के बाद अब कुमाऊं मंडल के चार जिलों के 65 प्रतिशत कर्मचारी इसके लिए आवेदन कर चुके हैं। वीआरएस के लिए अनुग्रह राशि जहां केंद्र सरकार से उपलब्ध होगी। वहीं बीएसएनएल इससे करोड़ों रुपये के अनावश्यक खर्च से भी बच जाएगा।
पिछले कई सालों से लगातार घाटे से जूझ रहे भारत संचार निगम की हालत वर्तमान में काफी खराब है। कैजुअल कर्मचारियों को बाहर करने के बाद बीएसएनएल को केंद्र सरकार ने वीआरएस की सुविधा भी प्रदान कर दी है। जिसके बाद अब निगम पचास वर्ष की आयु वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति देने की तैयारी कर ली गई है। वीआरएस लेने वाले इन कर्मचारियों में ग्रुप ए से लेकर डी तक के अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चम्पावत जिलों के कर्मचारी शामिल हैं। बीएसएनएल की अधिकारियों की मानें तो इन कर्मचारियों की वीआरएस देने के बाद निगम के प्रतिमाह वेतन और अन्य मदों में खर्च होने वाले खर्च से भी राहत मिल सकेगी। जहां तक इन कर्मचारियों के वीआरएस लेने के बाद काम पर पडऩे वाले असर की बात है उसके लिए निगम बाद में कांट्रेक्ट पर कर्मचारियों को रखने की योजना भी बना सकता है।
कुमाऊं के चार जिलों में कितने कार्मिकों ने किया आवेदन
ग्रुुप पात्र कार्मिक आवेदन
ए 04 04
बी 09 07
सी 60 39
डी 10 04
54 कार्मिकों ने किया है वीआरएस के लिए आवेदन
एके गुप्ता, महाप्रबंधक, भारत संचार निगम लिमिटेड, अल्मोड़ा मंडल ने बताया कि वीआरएस स्कीम शुरू होने के बाद अब तक कुमाऊं के चार जिलों में 83 पात्र कार्मिकों में से 54 कार्मिकों ने आवेदन कर दिया है। योजना के तहत आवेदनों पर विचार कर कार्मिकों को वीआरएस दिया जाएगा।

