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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand: मदरसे में बच्चों के साथ उत्पीड़न, दिखाई जाती थी गंदी फिल्में; छापामारी में 24 बच्चे बरामद

By Jagran NewsEdited By: Shubham Sharma
Updated: Wed, 11 Oct 2023 03:35 AM (IST)

नैनीताल के वीरभट्टी में बिना पंजीकरण के चल रहे मदरसे में उत्पीड़न के शिकार 24 बच्चों को मंगलवार को आजादी मिल गई। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) व किशो ...और पढ़ें

हल्द्वानी के मदरसे में बच्चों के साथ उत्पीड़न। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हल्द्वानी के मदरसे में बच्चों के साथ उत्पीड़न। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. बाल कल्याण व किशोर न्यायालय में पेशी के बाद स्वजन के सुपुर्द
  2. सीडब्ल्यूसी कार्यालय बुलाकर जमा कराए गए जरूरी दस्तावेज

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। नैनीताल के वीरभट्टी में बिना पंजीकरण के चल रहे मदरसे में उत्पीड़न के शिकार 24 बच्चों को मंगलवार को आजादी मिल गई। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) व किशोर न्यायालय में पेशी के बाद बच्चे स्वजन के सुपुर्द कर दिए गए। माता-पिता को देखते ही कई बच्चे भावुक हो गए।

आठ अक्टूबर को डीएम वंदना के निर्देश पर पुलिस व प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से वीरभट्टी के पास अंजुमन इकरा नाम से संचालित मदरसे में छापामारी की। जांच में सामने आया कि वर्ष 2010 से संचालित मदरसे को मदरसा बोर्ड से मान्यता नहीं मिली है। 24 बच्चों को यहां शिक्षा दी जा रही थी। बच्चों की सेहत खराब थी। उनके शरीर पर फोड़े फुंसी हो रहे थे। उन्हें रात में गंदी फिल्म दिखाई जाती थी।

कराई गई बच्चों की काउंसलिंग

आशंका जताई जा रही है कि उन्हें किसी खास मकसद के लिए तैयार किया जा रहा था। इसके बाद अगले दिन प्रशासन ने मदरसे में रह रहे 24 बच्चों को हल्द्वानी के बनभूलपुरा स्थित मदरसे में भिजवा दिया। सोमवार को बच्चों के बयान दर्ज कराए गए और उन्हें स्वजन से मिलने नहीं दिया गया। मंगलवार को इन सभी बच्चों के स्वजनों को हल्द्वानी स्थित जिला प्रोबेशन कार्यालय बुलाया गया। जहां उनकी काउंसलिंग की गई और बच्चों के जरूरी दस्तावेज जमा कराए गए।

इसके बाद सीडब्ल्यूसी अधिकारी और पुलिस की मौजूदगी में बच्चे स्वजनों को सौंपे गए। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि सभी बच्चों को उनके स्वजन के सुपुर्द कर दिया गया है। मदरसे की जांच में पता चला कि इसमें 37 बच्चों का पंजीकरण था। शेष बच्चे कहां हैं, इसकी जानकारी नहीं मिली। यह मदरसा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग या किसी भी सरकारी विभाग में पंजीकृत नहीं था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि 2010 से संचालित मदरसे के लिए फंडिंग कहां से हो रही है। इसके तार कहां जुड़े हो सकते हैं।

शासन को भेजी मामले की रिपोर्ट

प्रारंभिक जांच में गंभीर खुलासों के बाद प्रशासन ने मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। डीएम वंदना सिंह ने रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की पुष्टि की है। मदरसा संचालक के बेटे के बयान दर्ज तल्लीताल थाना पुलिस ने वीरभट्टी के मदरसा संचालक हारुन मोहम्मद के बेटे मो. इब्राहीम को मंगलवार को पुलिस थाने बुलवाया। वहां उसके बयान दर्ज किए गए। तल्लीताल थाना प्रभारी रोहिताश सिंह सागर ने बताया कि बयान दर्ज कराने के बाद इब्राहीम को छोड़ दिया गया। मामले की जांच जारी है।

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