विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कैंची धाम में गैस संकट के बीच सस्ती लकड़ी बनी सहारा, बन रहा प्रसाद से लेकर कैदियों का खाना

Published: Sat, 11 Apr 2026 01:10 PM (IST)

कैंची धाम में प्रसाद बनाने और सितारगंज जेल में कैदियों के लिए खाना बनाने सहित विभिन्न कार्यों में इस सस्ती ...और पढ़ें

उत्तराखंड वन विकास निगम के हल्द्वानी डिपो में पड़ी लकड़ियां। जागरण

उत्तराखंड वन विकास निगम के हल्द्वानी डिपो में पड़ी लकड़ियां। जागरण 


timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। गैस संकट के बीच जलौनी लकड़ी कैंची धाम में प्रसाद बनाने से लेकर सितारगंज जेल में कैदियों का खाना बनाने तक में काम आ रही है। खास बात यह है कि यहां लोगों को बाजार मूल्य से काफी सस्ती लकड़ी मिल रही है।

गैस की समस्या के कारण उत्तराखंड वन विकास निगम की ओर से आम लोगों को 1350 रुपये प्रति घन मीटर की दर पर लकड़ी दी जा रही है। प्रति घन मीटर में करीब 2.5 क्विंटल लकड़ी निकल जाती है।

वहीं बाजार में एक क्विंटल जलौनी लकड़ी का दाम 1200 से 1400 रुपये है। इन दिनों वन निगम के हल्द्वानी स्थित प्रभागीय विक्रय विभाग में प्रतिदिन दो से तीन प्रस्ताव आ रहे हैं, जबकि पहले महीने में तीन से चार प्रस्ताव आते थे। गैस संकट के बाद वन निगम के पास विवाह कार्यों, निजी कार्यों, भंडारों आदि के लिए लकड़ी की डिमांड आ रही है।

अब तक लगभग 200 घन मीटर जलौनी लकड़ी बेची

18 मार्च से अब तक लगभग 200 घन मीटर जलौनी लकड़ी बेची जा चुकी है। इसके बड़े खरीदारों में कैंची धाम और सितारगंज जेल है। जहां कैंची धाम के 24 घन मीटर लकड़ी दी गई है, वहीं सितारगंज जेल को दो सप्ताह में 48 घन मीटर लकड़ी दी गई है।

वन निगम आम लोगों को प्राथमिकता के आधार पर जलौनी लकड़ी दे रहा है इसलिए इन दिनों इसकी ई-नीलामी कम की जा रही है, जबकि ई-नीलामी में वन निगम को एक घन मीटर जलौनी लकड़ी के लिए लगभग 2500 रुपये मिल जाते हैं।

कैसे ले सकते हैं सस्ती जलौनी लकड़ी

  • हल्द्वानी के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित वन विकास निगम के प्रभागीय विक्रय प्रबंधक (डीएसएम) कार्यालय में इच्छुक लोग डीएसएम को जलौनी लकड़ी का प्रस्ताव दे सकते हैं।
  • इसके लिए पैन कार्ड और आधार कार्ड की फोटोकापी लगेगी।
  • वहीं आनलाइन भी पैन कार्ड और आधार कार्ड की कापी अटैच कर [email protected] आइडी पर लकड़ी के लिए प्रस्ताव मेल कर सकते हैं।
  • प्रस्ताव मंजूर होने पर निगम के डिपो से लकड़ी मिल जाएगी।

गैस की समस्या के बीच लोगों को सस्ती दर पर एक बार में अधिकतम 24 घन मीटर जलौनी लकड़ी दी जा रही है, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियों के लिए यह नहीं दी जाती है। - उपेंद्र सिंह, डीएसएम, उत्तराखंड वन विकास निगम

यह भी पढ़ें- गैस सिलिंडर चोर गिरोह का आतंक, एजेंसी कर्मी बन देते हैं वारदात को अंजाम; नोएडा से सामने आए कई मामले

यह भी पढ़ें- रामनगर में गैस कालाबाजारी का पर्दाफाश, 34 सिलेंडरों संग दो भाई गिरफ्तार