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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हल्द्वानी में छुट्टी के दिन भी धरने पर बैठे शिक्षक

By BhanuEdited By:
Updated: Sun, 18 Sep 2016 01:00 AM (IST)

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर छुट्टी के दिन भी तमाम ब्लाकों के संघ पदाधिकारी व शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हल्द्वानी पहुंचे और धरना दिया।

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हल्द्वानी, [जेएनएन]: राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर छुट्टी के दिन भी तमाम ब्लाकों के संघ पदाधिकारी व शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हल्द्वानी पहुंचे और धरना दिया।
उच्च न्यायालय ने सरकार को हड़ताल शीघ्र खत्म कराने और शिक्षकों के नहीं मानने पर नई नियुक्तियां करने तक के सख्त आदेश दिए हैं। इसके साथ ही शासन ने भी नो वर्क नो पे के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बावजूद शिक्षकों ने आज धरना दिया। साथ ही सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

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इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि हमारा संगठन विधिक राय ले रहा है, लेकिन हम अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार के रवैये से झुकेंगे नहीं। हमारा अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। जिला मंत्री डॉ. विवेक पांडेय ने कहा कि हम छुट्टी के दिन भी धरना देने आए हैं, ताकि सरकार को हमारी ताकत का एहसास हो।

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सरकारी सिस्टम की खामियों को गिनाते हुए डॉ. पांडेय ने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों की शिक्षा की इतनी ही चिंता है, तो समय पर पाठ्य पुस्तकें क्यों नहीं उपलब्ध कराती। विद्यालयों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध क्यों नहीं कराए जाते हैं।

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उन्होंने कहा कि सरकार के पास खनन, शराब माफियों को देने के लिए पर्याप्त बजट है, लेकिन शिक्षकों के लिए कुछ नहीं हैं। इस दौरान संघ जिला संरक्षक महेश बवाड़ी, डॉ. दिनेश जोशी, हेम त्रिपाठी, गोविंद बल्लभ सोराड़ी, गोकुल मर्तोलिया, हेमंत डुंगराकोटी, त्रिलोक तिवारी समेत तमाम शिक्षक नेताओं ने सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली।
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