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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दोस्‍तों से कहा बाबा की दवाई लेने जा रहा हूं और जहर लाकर 11वीं के छात्र ने कर ली खुदकशी

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Updated: Sun, 15 Dec 2019 09:46 AM (IST)

परिजनों की डांट या किसी अन्‍य कारण से कुछ दिनों से परेशान चल रहे छात्र ने आत्‍मघाती कदम उठा लिया। अवसाद में आकर उसने शनिवार शाम को छत पर जाकर जहर गटक लिया।

दोस्‍तों से कहा बाबा की दवाई लेने जा रहा हूं और जहर लाकर 11वीं के छात्र ने कर ली खुदकशी
दोस्‍तों से कहा बाबा की दवाई लेने जा रहा हूं और जहर लाकर 11वीं के छात्र ने कर ली खुदकशी

रामनगर, जेएनएन : परिजनों की डांट या किसी अन्‍य कारण से कुछ दिनों से परेशान चल रहे छात्र ने आत्‍मघाती कदम उठा लिया। अवसाद में आकर उसने शनिवार शाम को छत पर जाकर जहर गटक लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्‍ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

रामनगर के मोहल्ला इंद्रा कॉलोनी निवासी कुलदीप आर्या पुत्र सुरेश राम 11वीं का छात्र था। शनिवार दोपहर बाजार से जहर खरीदकर ले आया। इस बाबत जब उसके दास्‍तों ने पूछा तो उसने बताया कि बूबू (दादा) की दवाई है, घरवालों ने लेकर आने के लिए बोला है। घर पहुंचने पर कुछ देर बाद ही छत पर जाकर उसने जहर गटक लिया। एक घंटे बाद हालत बिगड़ने पर तड़पता हुआ नीचे उतरा और परिजनों को जहर खाने के बारे में बताया। आनन-फानन में परिजन उसे संयुक्त चिकित्सालय ले आए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर रामनगर के निजी हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। बिना पोस्टमार्टम कराए परिजन शव को घर ले गए। मौत की वजह पता नहीं चल पाई है।

क्षेत्र में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं

चिकित्सक डॉ. सोनल साहनी ने बताया कि छात्र को रामनगर हॉस्पिटल लाया गया था। उसने जहरीला पदार्थ खाया था। हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। कोतवाली के एसएसआई जयपाल चौहान ने बताया कि मेरे पास अस्पताल से जानकारी आई थी। जब तक पुलिस पहुंची, उसे रेफर किया जा चुका था। छात्र की मौत हो जाने की सूचना है। दूसरी ओर, क्षेत्र में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने बताया कि छात्र कुछ दिन से परेशान चल रहा था। वहीं कुछ ग्रामीणों के अनुसार किसी बात पर परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर छात्र ने यह आत्मघाती कदम उठाया। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार बच्चों को किसी भी परिस्थिति को झेलने के लिए मानसिक तौर पर मजबूत बनाने के प्रयास घर और स्कूल दोनों स्तर पर किए जाने चाहिए।

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