Surya Grahan 2026: आज सूर्य ग्रहण की यादगार रात, होगी 100 उल्कापिंडों की बरसात; नग्न आंखों से दिखेगा नाजारा
Surya Grahan Time: 12 अगस्त की रात को सावन की फुहारों के साथ पर्सिड उल्का वर्षा का अद्भुत नजारा दिखेगा, ...और पढ़ें

सावन की फुहारों के साथ होगी उल्का की रिमझिम वर्षा. Concept Photo

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
रमेश चंद्रा, नैनीताल। Surya Grahan Kab Hai: इस बार सूर्य ग्रहण की रात को सावन की फुहारों के साथ आसमानी आतिशबाजी (उल्काई वर्षा) की भी झड़ी लगने जा रही है। यह उल्का वर्षा 12 अगस्त की रात देखी जा सकेगी। आधी रात के बाद 50 से 100 जलते उल्का पिंड आसमान से झिलमिल कर गिरते नजर आएंगे।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डाक्टर शशिभूषण पांडेय ने बताया कि स्याह रातों में जुगनुओं का अलग सौंदर्य है तो उल्का वर्षा की भी अपनी विशेष सुंदरता है।
जलती उल्काओं को नग्न आंखों से देखा जा सकेगा
उल्काई रातें साल में कुछ ही बार आती हैं और अब जो रात 12 अगस्त को आ रही है, उसके सौंदर्य का प्रमुख कारण चंद्रमा होगा, न्यू मून होने का कारण चांदनी रात की रोशनी से आसमान मुक्त होगा। जिस कारण जलती उल्काओं को बखूबी नग्न आंखों से देखा जा सकेगा।
इस खगोलीय घटना के लिए दूरबीन की जरूरत नहीं होती। यह सामान्य खगोलीय घटना है, जो वर्ष में दर्जन से अधिक बार होती है, लेकिन अधिकांश घटनाओं में चंद्रमा की रोशनी के कारण उल्काई आतिशबाजी का नजारा फीका हो जाता है। यानी चंद्रमा की रोशनी में बहुत कम संख्या में उल्का वर्षा दिख पाती है।
इस खगोलीय घटना को पर्सिड मेटीयोर शावर के नाम से जाना जाता है। इस बार मध्य रात्रि से उल्का वर्षा शुरू हो जाएगी, जो भोर से पूर्व तक देखी जा सकेगी। दुनिया के लगभग सभी हिस्सों से इस घटना को देखा जा सकेगा। हालाकि मानसून के कारण इस खगोलीय घटना को देखे जाने में व्यवधान की संभावना बनी रहेगी।
होंगी कई आकर्षक खगोलीय घटनाएं
- डाक्टर शशिभूषण पांडेय ने बताया कि इस माह 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। यह भारत में नजर नहीं आएगा।
- इसके बाद 28 अगस्त की रात आंशिक चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा।
- इस पूरे माह भोर से पूर्व ग्रहों की परेड का अद्भुत नजारा भी बना रहने वाला है। इस खगोलीय घटना में सूर्योदय से कुछ घंटे पहले मंगल, यूरेनस, शनि और नेपच्यून आकाश में एक साथ दिखाई देंगे, जबकि बुध और बृहस्पति भी भोर के समय पूर्वी क्षितिज पर नजर आएंगे।
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