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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मनरेगा के बेहतर क्रियान्‍वयन के लिए पिथौरागढ़ जिले को देश में पहला स्‍थान nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Mon, 16 Dec 2019 11:17 AM (GMT+05:30)

मनरेगा के सफल संचालन के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की विभिन्न श्रेणियों में दिए जाने वाले पुरस्कारों में उत्त्तराखंड ने बाजी मारी है।

मनरेगा के बेहतर क्रियान्‍वयन के लिए पिथौरागढ़ जिले को देश में पहला स्‍थान nainital news
मनरेगा के बेहतर क्रियान्‍वयन के लिए पिथौरागढ़ जिले को देश में पहला स्‍थान nainital news

पिथौरागढ़, जेएनएन : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के सफल संचालन के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की विभिन्न श्रेणियों में दिए जाने वाले पुरस्कारों में उत्त्तराखंड ने बाजी मारी है। उत्त्तराखंड को दस श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार मिले हैं। इसमें से चार पुरस्कार हासिल कर पिथौरागढ़ देश के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है।

एमआइएस रिपोर्ट के आधार पर पुरस्‍कार निर्धारण

पिथौरागढ़ जिले को मनरेगा के प्रभावी संचालन, जीओ टैग, समय पर भुगतान करने में तथा विकास खंड मूनाकोट को समय पर भुगतान करने के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष दिए जाने वाले ये पुरस्कार एमआइएस रिपोर्ट के आधार पर तय होते हैं। राज्य, जिला और विकास खंडों से नामांकन प्रस्तुतीकरण तथा धरातलीय सत्यापन करने के उपरांत पुरस्कार घोषित होते हैं।

ब्‍लॉक और ग्राम सभा स्‍तर पर पुरस्‍कार

विकास खंड स्तर पर प्रदेश को मिले दो पुरस्कारों में प्रथम स्थान पर मूनाकोट और दूसरे स्थान पर खटीमा विकास खंड रहा है। प्रदेश मेें ग्राम सभा स्तर का पुरस्कार पौड़ी जनपद के रंचुला ग्राम पंचायत को मिला है। जिले को मनरेगा के तहत पूरे देश भर में चार प्रथम पुरस्कार मिलने पर जिलाधिकारी डॉ. वीके जोगदंडे ने खुशी जताते हुए विकास से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को शाबासी दी है। डीडीओ गोपाल गिरि गोस्वामी ने बताया कि पुरस्कार 19 दिसंबर को नई दिल्ली में दिए जाएंगे।

उत्तराखंड की उत्कृष्ट पंचायतों के प्रतिनिधि जम्मू-कश्मीर में देंगे टिप्स

उत्तराखंड में अपनी पंचायतों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन पंचायतों के प्रतिनिधि जम्मू कश्मीर में आयोजित कार्यशाला में अपने कार्यों की प्रस्तुति देंगे। प्रदेश से चयनित तीन प्रतिनिधियों में पिथौरागढ़ के कुसौली के पूर्व प्रधान रघुवीर सिंह भी शामिल है।

जम्मू में 17 और 18 दिसंबर को कार्यशाला

जम्मू कश्मीर में पंचायतों को सशक्त बनाने तथा अन्य पर्वतीय राज्यों की तरह पंचायतों का स्वरूप प्रदान करने के लिए जम्मू में 17 और 18 दिसंबर को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में उत्तराखंड के अग्रणी और उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के प्रतिनिधियों को केंद्र सरकार के आदेश पर पंचायती राज विभाग ने नामित किया गया है।

मनरेगा कार्यक्रम समन्वयक मो. असलम को बने हैं नोडल अधिकारी

नामित किए गए तीनों पंचायत प्रतिनिधि अक्टूबर में अपने पंचायतों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। इस कार्यक्रम के लिए ग्राम्य विकास विभाग उत्त्तराखंड के मनरेगा कार्यक्रम समन्वयक मो. असलम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। 16 दिसंबर को नई दिल्ली से तीनों पंचायत प्रतिनिधि जम्मू जाएंगे।

कार्यशाला में यह जनप्रतिनिधि लेंगे हिस्सा

कार्यशाला के लिए पंचायती राज विभाग ने भीमताल के ब्लाक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट, ग्राम पंचायत पुरोहित वाला सहसपुर देहरादून के प्रधान और ग्राम पंचायत कुसौली पिथौरागढ़  के पूर्व प्रधान रघुवीर सिंह शामिल हैं। 

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