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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कॉर्बेट पार्क में अब हर पर्यटक कर सकेंगे बाघ का दीदार, जानिए क्‍या है योजना

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Wed, 20 Feb 2019 07:47 PM (IST)

कॉर्बेट पार्क में अब हर पर्यटक बाघ का दीदार कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद टाइगर सफारी योजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद है।

कॉर्बेट पार्क में अब हर पर्यटक कर सकेंगे बाघ का दीदार, जानिए क्‍या है योजना
कॉर्बेट पार्क में अब हर पर्यटक कर सकेंगे बाघ का दीदार, जानिए क्‍या है योजना

रामनगर, जेएनएन : कॉर्बेट पार्क में अब हर पर्यटक बाघ का दीदार कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद टाइगर सफारी योजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री की इस महत्वपूर्ण घोषणा को मूर्त रूप देने की तैयारी भी शुरू हो गई है।

कॉर्बेट पार्क बाघों के लिए विश्वविख्यात है। ऐसे में हर सैलानी की ख्वाहिश यहां बाघ देखने की रहती है। कई पर्यटकों को बाघ दिख जाता है तो कई बाघ नहीं दिखने पर मायूस ही लौट जाते हैं। बाघों का दीदार हर पर्यटकों को हो, इसके लिए 14 फरवरी को कॉर्बेट पार्क पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालागढ़ के पाखरो में टाइगर सफारी योजना की घोषणा की। हालांकि पूर्व में कॉर्बेट प्रशासन द्वारा इसका प्रस्ताव राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण व केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण के पास स्वीकृति के लिए भेजा था। प्रधानमंत्री द्वारा इस योजना पर अपनी रुचि दिखाने से अब इसके धरातल पर क्रियान्वित होने की उम्मीद जग गई है। यदि यह योजना धरातल पर उतरी तो पर्यटक के बाघ के दीदार की ख्वाहिश पूरी हो सकेगी।

ऐसे होगी टाइगर सफारी

इस योजना के तहत कॉर्बेट प्रशासन द्वारा 15 से 20 हेक्टेयर क्षेत्र में बाड़ा बनाकर उसे कवर किया जाएगा। इसके बाद जो बाघ घायल व कमजोर हो जाते हैं या फिर आबादी में पकड़े जाते हैं। उन्हें बाड़े में छोड़ दिया जाएगा। कवर होने की वजह से बाघ उस बाड़े से बाहर नहीं जा पाएंगे। इसके बाद कॉर्बेट प्रशासन बंद गाड़ी में पर्यटकों को बैठाकर कवर किए क्षेत्र में घुमाएगा। बंद गाड़ी में घुमने के दौरान उसे बाघ के दीदार आसानी से हो जाएंगे।

बजट मिलने के बाद इसका कार्य शुरू कराया जाएगा

राहुल, निदेशक सीटीआर ने बताया कि टाइगर सफारी योजना के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण व नेशनल जू से मंजूरी मिली हुई है। योजना के लिए अभी बजट तय नहीं हुआ है। अगले वित्तीय वर्ष में बजट मिलने के बाद इसका कार्य शुरू कराया जाएगा।

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