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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भरी कोर्ट में हत्या के दोषी ने जज को दे दी अंजाम भुगतने की धमकी nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Mon, 24 Feb 2020 07:56 PM (GMT+05:30)

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की कोर्ट ने सोमवार को हल्द्वानी में छह साल पहले हुई व्यापारी की हत्या मामले में दो आरोपितों को दोषी करार दिया।

भरी कोर्ट में हत्या के दोषी ने जज को दे दी अंजाम भुगतने की धमकी nainital news
भरी कोर्ट में हत्या के दोषी ने जज को दे दी अंजाम भुगतने की धमकी nainital news

नैनीताल, जेएनएन : प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की कोर्ट ने सोमवार को हल्द्वानी में छह साल पहले हुई व्यापारी की हत्या मामले में दो आरोपितों को दोषी करार दिया। इस बीच एक अभियुक्त ने भरी कोर्ट में जज को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। जज ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश व हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को इसकी सूचना दे दी। दोनों को 26 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।

अभियोजन के अनुसार, 20 जुलाई 2014 को जुगल किशोर गुप्ता पुत्र राम प्रसाद निवासी मुनगली गार्डन ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी थी। बताया था कि उसके भाई योगेश गुप्ता सदर बाजार से दुकान बंद कर घर आ रहे थे। घर के पास ही दो लोगों ने तमंचे से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस चश्मदीदों के बयान के आधार पर संदीप जायसवाल निवासी बरेली रोड व राहुल राठौर निवासी खेड़ा, रुद्रपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने योगेश की हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि योगेश व उनके भाई जुगल किशोर के पास ट्रक थे। पूरे कुमाऊं में खाद्यान्न आपूर्ति का टेंडर भी उन्हीं के पास था।

संदीप जायसवाल ने उनका एक ट्रक ले लिया और कहा कि फायदे की रकम बराबर बांटी जाएगी। मगर एक साल बाद संदीप ने न कोई पैसा दिया और न ही ट्रक लौटाया। बाद में पता चला कि उसने ट्रक का फर्जी इकरारनामा बना लिया था। इस संदर्भ मेें जुगल किशोर ने संदीप के खिलाफ 31 मई 2014 को धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखवाई। चार्जशीट दाखिल होने पर आरोपितों ने जुगल किशोर व योगेश से मुकदमा वापस लेने को कहा, जिसे न मानने पर योगेश की हत्या कर दी गई।

सुनवाई पूरी कर कोर्ट ने सोमवार को दोनों अभियुक्तों को धारा-302 व 25 आम्र्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया। इसके बाद अभियुक्त राहुल के पास मोहर्रिर भारती कागजात पर दस्तखत कराने पहुंचीं तो उसने इन्कार करते हुए भरी कोर्ट में चिल्लाते हुए जज को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। 

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