यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand Lockdown : नेता प्रतिपक्ष ने कहा, कांग्रेस के कार्यकर्ता लोगों की मदद करने के लिए आगे आएं
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कार्यकर्ताओं से कहा कि संकट के इस दौर में लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए गरीब व असहाय लोगों की मदद को आगे आए।

हल्द्वानी, जेएनएन : नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कार्यकर्ताओं से कहा कि संकट के इस दौर में लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए गरीब व असहाय लोगों की मदद को आगे आए। किसी भी तरह की दिक्कत आने पर तुरंत उनसे संपर्क करें। वहीं, इंदिरा ने डीएम सविन बंसल से फोन पर वार्ता कर कहा कि श्रमिक, ठेले और रिक्शाचालक को मदद पहुँचाने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
इंदिरा के मुताबिक डीएम ने बताया कि जो खनन श्रमिक अब भी हल्द्वानी में अटके हैं उन्हें राशन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी वन निगम के डीएलएम को सौंपी गई है। इसके अलावा जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है उनकी सूची मिलते ही उन्हें भी रियायती दरों में राशन उपलब्ध कराया जाएगा। इंदिरा के मुताबिक राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोग शासन द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी इला गिरी के नंबर 9634636389 पर भी संपर्क कर मदद मांग सकते हैं।
जनवरी से मार्च तक का एरियर राहत कोष में देने के मूड में शिक्षक
कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए शिक्षक अब जनवरी से मार्च तक का एरियर मुख्यमंत्री राहत कोष में देने के मूड में है। राजकीय शिक्षक संघ व प्राथमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों द्वारा अपना एक दिन का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा के बाद अब अब कई शिक्षकों ने ये मांग उठाई है। शिक्षकों की ओर से सोशल मीडिया में जारी सूचना में कहा गया है कि जनवरी से मार्च तक चार फीसद बढ़े एरियर को राहत कोष में देना ठीक रहेगा। यह राशि 4500 से 7000 रुपये प्रति शिक्षक होगी। नैनीताल जिले में 2762 शिक्षक यदि ऐसा करते हैं तो डेढ़ करोड़ रुपये राहत कोष में जाएगा। इधर, उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने भी इस कवायद का स्वागत किया है।
