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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बेतालघाट ब्‍लॉक में बदली तस्‍वीर, एक हजार लड़कों पर 1298 बेटियां

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Wed, 16 Jan 2019 08:07 PM (IST)

जिले में लिंगानुपात को लेकर अच्छी खबर आई है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, जिले में एक हजार बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या 950 दर्ज की गई हैै।

बेतालघाट ब्‍लॉक में बदली तस्‍वीर, एक हजार लड़कों पर 1298 बेटियां
बेतालघाट ब्‍लॉक में बदली तस्‍वीर, एक हजार लड़कों पर 1298 बेटियां

नैनीताल, जेएनएन : जिले में लिंगानुपात को लेकर अच्छी खबर आई है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, जिले में एक हजार बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या 950 दर्ज की गई हैै। पहले यह आंकड़ा 902 था। इन आंकड़ों को सुधारा है ग्रामीण अंचलों ने। धारी ब्लॉक को छोड़कर शेष ग्रामीण इलाकों में अभियान को लेकर बेहद जागरूकता देखी गई, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। बेतालघाट में सबसे अच्छे परिणाम मिले, जबकि धारी ब्लॉक में बेहद ंिचंताजनक। बेतालघाट में एक हजार बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या 1298 पहुंच गई है, जबकि धारी में 792।

मंगलवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में पीसीपीएनडीटी कार्यक्रम के तहत बेटी बचाओ कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस दौरान समन्वयक अनूप बमोला ने अप्रैल 2018 से दिसंबर तक हेल्थ मैनेजमेंट इन्फारमेशन सिस्टम पर आधारित ताजा रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमे बताया गया है कि जिले में 2017-18 में एक हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या 902 थी, जिसमें अब वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान सीएमओ डॉ. भारती राणा ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान चलाने व लड़का-लड़की के बीच भेद मिटाने के  लिए प्रयास करने का आह्वïान किया।

ब्लॉक               बेटियों की संख्या

बेतालघाट         1298

भीमताल          1010

ओखलकांडा      1000

रामनगर           982

रामगढ़             982

हल्द्वानी          940

धारी                 792

(नोट : आंकड़े एक हजार लड़कों पर।)

धारी ने स्वास्थ्य महकमे को चिंता में डाला

कार्यशाला में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक स्थिति धारी ब्लॉक की मिली, जहां एक हजार लड़कों पर मात्र 792 बेटियां हैं, जबकि 2017-18 में यह संख्या 917 थी। तेजी से घटी इस संख्या ने स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। अब इस स्थिति का पता लगाने के लिए सीएमओ ने समन्वयक को समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि धारी ब्लॉक के लोगों को जागरूक कर लड़का-लड़की में फर्क की मानसिकता को दूर करने लिए अभियान चलाएं।

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