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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने केंद्र से मिली 25 हजार जुर्माने की रकम पीएम राहत कोष में दी

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Mon, 16 Sep 2019 07:42 AM (IST)

भारतीय वन सेवा के चर्चित अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने जुलाई में केंद्र सरकार से मुआवजे के रूप में मिली 25 हजार की धनराशि को प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कर दिया है।

आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने केंद्र से मिली 25 हजार जुर्माने की रकम पीएम राहत कोष में दी
आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने केंद्र से मिली 25 हजार जुर्माने की रकम पीएम राहत कोष में दी

नैनीताल, किशोर जोशी : भारतीय वन सेवा के चर्चित अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने जुलाई में केंद्र सरकार से मुआवजे के रूप में मिली 25 हजार की धनराशि को प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कर दिया है। साथ ही पीएम को पत्र भेजकर कहा है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग प्रतिशोधात्मक कार्रवाईयों में नहीं किया जाना चाहिए। 

पिछले साल अगस्त में एसीआर में जीरो अंकन के मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने संजीव के पक्ष में फैसला देते हुए केंद्र के रवैये को प्रतिशोधात्मक बताते हुए 25 हजार जुर्माना लगा दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगाई, मगर केंद्र द्वारा जुर्माने की राशि नहीं दिए जाने पर संजीव ने फिर से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। इसी साल जुलाई में केंद्र ने इस धनराशि का भुगतान संजीव को कर दिया था। 

अफसरों को काम की आजादी व सुरक्षा का माहौल दिया जाए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में संजीव ने कहा है कि इस प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे इस मुकदमे में खर्च धनराशि तथा जुर्माने की राशि की वसूली की जानी चाहिए थी, मगर एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करते हुए आम जनता के पैसे से मुआवजा की धनराशि का भुगतान किया जा रहा है, जो कि उनकी समझ से परे है। पत्र में पीएम को लौह पुरुष सरदार पटेल द्वारा संविधान सभा में दिए उस भाषण की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को काम करने की आजादी तथा सुरक्षा का भाव देने की बात कही थी। पत्र में पीएम से अनुरोध किया है कि पीएम कार्यालय की तरफ से एक ऐसा फंड बनाया जाए, जिसमें उनकी तरह से ही उत्पीडऩ व प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के शिकार अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई में होने वाले खर्च व मुआवजे का भुगतान किया जा सके।

धनराशि के लिए धन्यवाद, पत्र में उठाए मुद्दों पर चुप्पी

संजीव के पत्र के जवाब में पीएमओ ने इस धनराशि को दान देने के लिए आभार प्रकट किया है तथा पीएम की ओर से इस धनराशि को राष्ट्रीय राहत कोष में जमा करने के लिए कृतज्ञता प्रकट की है। मगर पत्र में उठाए मुद्दों पर पीएमओ ने चुप्पी साधी है। यहां बता दें कि इससे पहले सितंबर 2015 में संजीव चतुर्वेदी ने एशिया के नोबल रमन मैग्सैसे पुरस्कार से मिली करीब 20 लाख की रकम भी राष्ट्रीरीय राहत कोष में जमा कर दी। जबकि इसी साल फरवरी में पुलवामा के आतंकी हमले के शहीदों के परिवारों को ऑर्बिटेशन के रूप मिली ढाई लाख की धनराशि को दान कर दिया था। यह धनराशि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा प्रदान की गई थी। 

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