यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नैनो तकनीक का जायया लेने नैनीताल पहुंची इफको की केंद्रीय टीम nainital news
नैनीताल जिले के पांचों प्रगतिशील किसान जैविक खेती की दिशा में लंबे समय से काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने किसानों के खेतों का स्थलीय निरीक्षण कर जानकारी लेने के साथ सुझाव दिए।

हल्द्वानी, जेएनएन : इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) मार्च 2020 से नैनो प्रोद्योगिकी आधारित जैविक उत्पादन शुरू करने जा रहा है। इफको मुख्यालय के डीजीएम (कृषि सेवा) वेदपाल व उत्तराखंड जीएम डॉ. डीएचएस बिष्ट ने दो दिन तक नैनीताल जिले में रहकर नैनो तकनीक आधारित खेती का धरातलीय निरीक्षण किया।

टीम ने यह दिया सुझाव
इफको की टीम ने चोरगलिया में प्रकाश बेलवाल, गौलापार में नरेंद्र सिंह मेहरा, दीपक मेहरा, हल्दूचौड़ में राधेश्याम व दीपक जोशी आदि किसानों के यहां जाकर फसलों का निरीक्षण किया। नैनीताल जिले के पांचों प्रगतिशील किसान जैविक खेती की दिशा में लंबे समय से काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने किसानों के खेतों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत जानकारी लेने के साथ जरूरी सुझाव दिए। प्रगतिशील किसान नरेंद्र मेहरा ने बताया कि नैनो तकनीक किसानों के लिए क्रांतिकारी पहल है। 500 मिमी बोतल एक बैग यूरिया के बराबर काम करेगी। इससे खेती की लागत में कमी आएगी। इस दौरान इफको के जिला प्रबंधक दीपक आर्य, पूर्व प्रबंधक ललित पाठक आदि मौजूद रहे।
.jpg)
देश में 11 हजार किसानों के साथ परीक्षण
इफको के कृषि विशेषज्ञ वेदपाल ने बताया कि देशभर में 11 हजार किसानों के साथ जैविक खेती का परीक्षण चल रहा है। इफको नैनो तकनीक तरल नाइट्रोजन, तरल कॉपर व तरल जिंक के जरिये जैविक खेती को नई ऊंचाई की ओर ले जाने के लिए प्रयासरत है। जीबी पंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में डॉ. रमेश चंद्रा की देखरेख में नैनो तकनीक का लेबोरेटरी परीक्षण चल रहा है।
