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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

17 दिनों से जारी जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल खत्‍म, मांगे पूरी होने पर मनाया जश्‍न

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Wed, 18 Mar 2020 03:41 PM (GMT+05:30)

17 दिनों से जारी जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार बुधवार को खत्‍म हो गई। सरकार ने पदोन्‍नति में आरक्षण खत्‍म करने की मांग को स्‍वीकर कर लिया है।

17 दिनों से जारी जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल खत्‍म, मांगे पूरी होने पर मनाया जश्‍न
17 दिनों से जारी जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल खत्‍म, मांगे पूरी होने पर मनाया जश्‍न

नैनीताल, जेएनएन : कुमाऊं भर में 17 दिनों से जारी जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार बुधवार को खत्‍म हो गई। सरकार ने पदोन्‍नति में आरक्षण खत्‍म करने की मांग को स्‍वीकर कर लिया है। मांगें पूरी होने के बाद से कर्मचारियों में जश्‍न का माहौल है। कर्मचारियों नेताओं ने कहा कि हमारी मांगे न्‍यायोचित थीं। सरकार ने सु्प्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया है। ऐसे में अब हम हड़ताल खत्‍म कर काम पर लौटेंगे।

इसलिए आंदोलन पर चले गए थे जनरल-ओबीसी कर्मचारी

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने यानी सात फरवरी को दिए अपने फैसले में उत्‍तराखंड होइकोर्ट के एक आदेश को पलट दिया था। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने साफ किया है कि प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है और राज्य को इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही यह भी टिप्‍पणी की कि एसटी-एसटी समुदाय का सरकारी नौकरियों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है तो वह नौकरियों एवं प्रमोशन में आरक्षण देने का कानून बना सकती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एससी-एसटी कर्मचारी उग्र हो गए और उन्‍होंने आंदोलन शुरू कर दिया। सरकार के आश्‍वासन के बाद वे शांत हुए तो अब जानरल-ओबीसी कर्मचारी उग्र होकर आंदोलन की राह पकड़ ली थी।

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