विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महिलाएं फंसाती थीं, पुरुष साथी सीबीआइ बनकर करते थे लाखों की वसूली

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 30 Oct 2018 05:01 PM (IST)

सीबीआइ बनकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का सिडकुल पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह में शामिल महिलाएं लोगों को अपने चंगुल फंसाती थीं।

महिलाएं फंसाती थीं, पुरुष साथी सीबीआइ बनकर करते थे लाखों की वसूली
महिलाएं फंसाती थीं, पुरुष साथी सीबीआइ बनकर करते थे लाखों की वसूली

रुद्रपुर (जेएनएन)। सीबीआइ बनकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का सिडकुल पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह में शामिल महिलाएं लोगों को अपने चंगुल फंसाती थी। वहीं अपने अन्‍य साथियों को सीबीआई अफसर बताते हुए उनका डर दिखाकर जेल भेजने के नाम पर लाखों की वसूली करती थीं। इसका पता चलते ही सिडकुल पुलिस ने शहर की पॉश काॅलोनी में दबिश देकर एक महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि महिला समेत तीन आरोपित भागने में सफल रहे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों को जेल भेजकर फरार चल रहे फर्जी सीबीआई वालों की तलाश शुरू कर दी है।

बंधक बनकर वसूले थे दो लाख्‍ा रुपये
एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि खटीमा निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत कि 26 अक्टूबर को कुछ लोगों ने उसे सीबीआइ अफसर बनकर शहर के नैनीताल रोड स्थित पॉश काॅलोनी के एक फ्लैट में बंधक बना लिया था। साथ ही जेल भेजने के नाम पर दो लाख रुपये की मांग करने लगे। इस पर उसने दो लाख रुपये दे दिए। रुपये लेने के बाद उन्होंने उसे सिडकुल में सूनसान जगह पर छोड़ दिया। इस पर हरकत में आई सिडकुल पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। जांच के बाद सोमवार रात पंतनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक, सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल के नेतृत्व में पुलिस ने पॉश कालोनी के फ्लैट में दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि महिला समेत तीन लोग भागने में कामयाब हो गए।

बराबमद हुआ सीबीआइ का फर्जी आइकार्ड
तलाशी में उनके पास से पुलिस को सीबीआई का फर्जी आईडी कार्ड, एक कार समेत अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद हुए। एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि पूछताछ में उन्होंने अपना नाम यूपी, जिला बिजनौर, थाना नगीना और हाल मेट्रोपोलिस सिटी, फ्लैट नंबर 13बी-1 निवासी प्रणव सिंह विश्नोई पुत्र स्व्.अभय सिंह विश्नोई, पूनम शर्मा पत्नी दर्शन शर्मा और बरेली, थाना बहेड़ी के ग्राम जवाहरपुर और हाल फाजलपुर महरौला, तराई बिहार कालोनी निवासी विकास गंगवार पुत्र बेलाशंकर गंगवार बताया।

इस तरह से वारदात को देते थे अंजाम
पूछताछ में आरोपितों ने अपने फरार साथियों का नाम सामियां लेक सिटी निवासी सिमरन, रामपुर निवासी फैजान पासा और बिजनौर नगीना निवासी अभिषेक गुप्ता उर्फ नावेद बताया। बताया कि वह गिरोह में शामिल पूनम और सिमरन की मदद से पहले लोगों को झांसे में लेते हैं। इसके बाद दोनों महिलाएं उन्हें कमरे में बुलाते हैं। जब वह कमरे में पहुंचते हैं तो वे लोग सीबीआई अफसर बनकर दबिश डालते हैं। इसके बाद वह लोगों की वीडियो और फोटो लेकर ब्लेकमेलिंग करते हैं।

सभी आरोपितों को भेजा गया जेल
पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार आरोपितों को जेल भेज दिया। एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : सर्द मौसम में भारत-नेपाल के रिश्‍तों में आई गर्माहट, जानिए कैसे

यह भी पढ़ें : पेशी पर आए कैदी ने कोर्ट में सिपाही पर बोला हमला, जानिए पूरा मामला