उत्तराखंड हाई कोर्ट में ईद-उल-जुहा का अवकाश 28 मई को, आज कार्य दिवस
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने ईद-उल-जुहा की छुट्टी की तारीख में बदलाव किया है। अब 27 मई की जगह 28 मई को अवकाश रहेगा, जबकि 27 मई को सामान्य कार्य दिवस होगा। ...और पढ़ें

नैनीताल हाई कोर्टट।
HighLights
हाई कोर्ट ने ईद-उल-जुहा अवकाश में बदलाव किया।
अब 27 मई की बजाय 28 मई को छुट्टी रहेगी।
27 मई को सभी अदालतों में सामान्य कार्य दिवस।
जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने ईद-उल-जुहा के अवसर पर घोषित अवकाश में बदलाव किया है। हाई कोर्ट की ओ से जारी अधिसूचना के अनुसार अब 27 मई के स्थान पर 28 मई गुरुवार को बकरीद का अवकाश रहेगा। 27 मई बुधवार को हाईकोर्ट तथा राज्य की समस्त जिला न्यायपालिका में सामान्य कार्य दिवस रहेगा।
आज सामान्य कार्य दिवस रहेगा
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश परिवर्तन का निर्णय ईद-उल-जुहा के पर्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश की प्रतिलिपि सुप्रीम कोर्ट, राज्य सरकार, जिला न्यायालयों, बार काउंसिल तथा अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। साथ ही हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस अधिसूचना को अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर दर्ज मुकदमा निरस्त करने के निर्देश
नैनीताल। हाई कोर्ट ने मसूरी में स्थित मोदी भवन पार्ट टू के भवन को खुर्द बुर्द करने से उपजे विवाद के मामले में दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के मामले पर सुनवाई की। न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता के पक्ष में निर्णय देते हुए दर्ज मुकदमे को निरस्त कर दिया है। मसूरी निवासी अजय कुमार सीकरी ने याचिका दायर की है।
भवन में रखे सामान को चुराया
अजय के अनुसार उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मसूरी स्थित मोदी भवन पार्ट टू में तोड़ फोड़ की और कब्जा किया है। भवन में रखे सामान को चुराया है। इन आरोप पर उनके विरुद्ध धारा- 420, चोरी करने तथा अन्य धाराओं में मसूरी में मुकदमा दर्ज हुआ है। याचिका में आगे यह गया है कि यह मामला सिविल वाद से संबंधित है। जिसके संबंध में देहरादून व मसूरी में सिविल वाद विचाराधीन है। ऐसे में उनके विरुद्ध कोई आपराधिक ,चोरी और तोड़फोड़ का नही बनता है। इसलिए मुकदमे को निरस्त किया जाए। एकलपीइ ने मामले को सुनने के बाद ने याचिकाकर्ता पर दर्ज मुकदमे को निरस्त कर दिया है।