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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Lockdown Day 7 : उत्तर प्रदेश से दवाइयों की आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से संकट

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 31 Mar 2020 07:30 AM (IST)

कारण लाॅकडाउन के बाद से ही उत्तर प्रदेश से दवाइयों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थिति ऐसी ही रही तो कुछ दिन बाद कुमाऊं में दवाइयां का संकट पैदा हो सकता है।

Uttarakhand Lockdown Day 7 : उत्तर प्रदेश से दवाइयों की आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से संकट
Uttarakhand Lockdown Day 7 : उत्तर प्रदेश से दवाइयों की आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से संकट

हल्द्वानी, जेएनएन : लॉकडाउन का असर दवाओं की सप्‍लाई पर भी पडा है। बहुत सारे लोगों ने पहले ही स्थि‍ति को समझते हुए दवाओं को स्‍टोर कर लिया था। हालांक‍ि अब धीरे धीरे बाजार में दवाओं की कमी महसूस होने लगी है। कारण लाॅकडाउन के बाद से ही उत्तर प्रदेश से दवाइयों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थिति ऐसी ही रही तो कुछ दिन बाद कुमाऊं में दवाइयां का संकट पैदा हो सकता है। हल्द्वानी में 600 से अधिक मेडिकल स्टोर हैं। इसमें होलसेल व रिटेलर भी हैं। इन्हीं दुकानों से कुमाऊं में दवाइयों की आपूर्ति होती है।

दवा व्यापारियों के अनुसार अधिकांश दवाइयों की आपूर्ति उत्तर प्रदेश व दिल्ली से ही होती है। लाॅकडाउन के बाद दवाइयां लाने वाले ट्रक नहीं आ रहे हैं। एक सप्ताह से डिमांड भेजी जा रही है, लेकिन होलसेल दुकानों तक दवाइयां पहुंचना मुश्‍किल हो गया है। बताया जा रहा है कि कुछ वाहन बार्डर पर ही फंस गए हैं। एसोसिएशन के महासचिव संदीप जोशी का कहना है कि दवाइयाें की आपूर्ति आवश्यक सेवा में शामिल है। इसलिए इन पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। हालांक‍ि, देहरादून से दवाइयाें का एक ट्रक सोमवार को हल्द्वानी पहुंचा, लेक‍िन उसमें पर्याप्त दवाइयां नहीं हैं।

हल्द्वानी से मास्क लेने गए बाॅर्डर पर रोके

हल्द्वानी का ही एक व्यापारी मास्क व सेनिटाइजर लेने रुद्रपुर जा रहा था। हल्द्वानी पुलिस से अनुमति मिल गई, लेकिन रुद्रपुर पुलिस ने बार्डर से अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। जबकि, उसने अपना ड्रग लाइसेंस भी दिखाया। इसके बाद उसने रुद्रपुर के व्यवसायी को फोन किया और वह सामान अपनी कार से बार्डर तक लाया। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने मांग की है कि अगर इस तरह की दिक्कत आएगी तो हम कैसे आपूर्ति कर पाएंगे।

नहीं मिल रही कैंसर की दवा

कैंसर की दवा के ल‍िए मरीज दर-दर भटक रहे हैं। एक दवा की कीमत 22 हजार रूपये है। यह दवा क‍िसी भी दुकान में उपलब्ध नहीं है। लॉकडाउन की वजह से बाहर से दवाइयां भी आना संभव नहीं हो पा रहा है। इसी तरह की अन्य बीमार‍ियों की दवाइयों की भी यही स्थिति‍ है।

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