यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
काशीपुर में दहेज के लालच में भाई की हत्या, पिता-पुत्र व बहू पर हत्या का मुकदमा दर्ज
न्यायालय के आदेश पर काशीपुर कोतवाली पुलिस ने जायदाद के लालच में बुजुर्ग की हत्या करने का मुकदमा पिता-पुत्र व पुत्रवधू पर दर्ज कर लिया है।

काशीपुर, जेएनएन : न्यायालय के आदेश पर काशीपुर कोतवाली पुलिस ने जायदाद के लालच में बुजुर्ग की हत्या करने का मुकदमा पिता-पुत्र व पुत्रवधू पर दर्ज कर लिया है। 18 फरवरी को एसीजेएम काशीपुर ने रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था, जिस पर आठ मार्च को केस दर्ज हुआ।
विशाल नगर जसपुर खुर्द निवासी कृष्णपाल पुत्र जीवन राम ने अधिवक्ता सिंधू आकाश के माध्यम से 30 जनवरी को अपर मुख्य न्यायाधीश की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसके बड़े भाई बिहारी लाल निवासी कृष्णनगर आवास विकास रेलवे से रिटायर हैं। उनकी भाभी का डेढ़ साल पहले निधन हो चुका है। बिहारीलाल के अकेलेपन के कारण उनके सबसे छोटे भाई भूपाल सिंह निवासी हरि सिंह चौक नूरवाला, पानीपत (हरियाणा) के पुत्र सुमित और पुत्रवधू मीना बिहारीलाल की देखभाल के लिए काशीपुर आकर रहने लगे। बिहारी के नाम कनगांव आंवला बरेली में तीन बीघा जमीन है। कृष्णपाल ने बताया उसके भाई ने उससे कहा था कि सुमित और उसकी पत्नी मीना लोभी हैं और उसे दोनों से जान का खतरा है।
चार जनवरी को बड़े भाई के किसी मोहल्ले वाले का फोन आया कि बिहारीलाल के घर ताला लगा हुआ है। उनके बेटे सर्वेश व उसने आवास विकास जाकर देखा कि बड़े भाई के घर में ताला लगा हुआ है। घर के अंदर गड्ढा खुदा हुआ है। पड़ोसियों ने बताया कि एक सप्ताह से किसी ने बिहारीलाल को नहीं देखा है। उन्होंने 30 जनवरी को न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि आरोपितों ने षड्यंत्र रचकर उनके भाई की हत्या कर दी और शव को चोरी छिपे पानीपत ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। उसने बताया कि छह जनवरी को कोतवाली में व आठ जनवरी को एसएसपी को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रविवार रात आरोपित सुमित, मीना व भूपाल सिंह के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
