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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Uttarakhand: फर्जी दस्तावेजों से 36.50 करोड़ का कर्जा लेने पर गन्ना प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार, 724 किसानों के नाम से लगाया था चूना

    Updated: Sun, 03 Nov 2024 09:30 PM (IST)

    Uttarakhand Crime उत्तराखंड में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है जिसमें इकबालपुर चीनी मिल प्रबंधन ने 724 किसानों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 36.50 करोड़ ...और पढ़ें

    Uttarakhand Crime: दोनों इकबालपुर चीनी मिल में तैनात रह चुके हैं। Jagran
    Uttarakhand Crime: दोनों इकबालपुर चीनी मिल में तैनात रह चुके हैं। Jagran

    HighLights

    1. इकबालपुर चीनी मिल प्रबंधन ने 724 किसानों के तैयार कर दिए थे फर्जी दस्तावेज
    2. पीएनबी के तत्कालीन प्रबंधक समेत कई अधिकारियों की भूमिका भी आई है सामने

    संवाद सूत्र, जागरण, झबरेड़ा (हरिद्वार)। Uttarakhand Crime: इकबालपुर चीनी मिल प्रबंधन की ओर से 724 किसानों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 36.50 करोड़ रुपये का कृषि ऋण लेने के मामले में लक्सर चीनी मिल में गन्ना प्रबंधक पवन ढींगरा और शाकुंभरी चीनी मिल बेहट सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में एकाउंटेंट उमेश शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।

    दोनों इकबालपुर चीनी मिल में तैनात रह चुके हैं। करोड़ों की इस धोखाधड़ी में पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन प्रबंधक की मिलीभगत भी सामने आई है। पुलिस अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। इस मामले की विवेचना सीबीसीआइडी कर रही है।

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    724 किसानों के नाम से लिया था कर्जा

    वर्ष 2008 से लेकर 2020 तक इकबालपुर चीनी मिल प्रबंधन ने 724 किसानों के नाम से पंजाब नेशनल बैंक की इकबालपुर शाखा से 36.50 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इसमें कुछ ऐसे भी लोग थे, जिनके नाम पर जमीन ही नहीं थी।

    उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर यह ऋण लिया गया था। फसली ऋण जमा नहीं होने पर बैंक की ओर से संबंधित कर्जदारों को नोटिस जारी किए गए तो हड़कंप मच गया था।

    किसान नेता पदम भाटी ने सूचना के अधिकार के तहत बैंक से सभी दस्तावेज लिए। इस मामले में तत्कालीन चौकी प्रभारी इकबालपुर मोहन कठैत ने 19 अप्रैल 2021 को चीनी मिल प्रबंधक और तत्कालीन पीएनबी मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में इस मामले की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) सीबीसीआरडी को भेज दी गई।

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    पुलिस जांच में दोषी पाए गए आरोपितों पर शिकंजा कसना शुरू किया गया है। अब पुलिस ने तत्कालीन गन्ना प्रबंधक इकबालपुर पवन ढींगरा और एकाउंटेंट उमेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि इस मामले में बैंक प्रबंधक समेत तीन अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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    मोची और पंचर वाले को बना दिया था किसान

    रुड़की : इकबालपुर चीनी मिल प्रबंधन ने उस दौरान मिल गेट पर जूतों पर पालिश करने वाले मोची, साइकिल व बुग्गी के टायर पंचर जोड़ने वाले, माली आदि को फर्जी किसान बनाकर उनके जमीन के फर्जी कागजात तैयार कर दिए थे। वहीं बैंक प्रबंधक ने उनको प्रमाणित करते हुए सभी के संयुक्त खाते खोले थे। इसके बाद इस धनराशि को खातों से निकाल लिया गया। कई साल तक यह खेल चलता रहा।

    जमीन की नकल पर तहसीलदार के फर्जी साइन और मुहर लगी थी। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों के भी फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। किसानों की बेटी, पत्नी आदि को भी किसान दर्शाकर उनके नाम पर ऋण लिया गया था, जबकि पत्नी और बच्चों के नाम पर जमीन तक नहीं थी।