Makar Sankranti पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का समुद्र, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
हरिद्वार में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्ममुहूर्त से ही ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। तड़के भोर से ही हरकी पैड़ी सहित गंगा के सभी प्रमुख घाटों पर स्नान का सिलसिला जारी है।
कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और सर्द हवाओं के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं आई। ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर शाम तक मां गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
मकर संक्रांति के स्नान के लिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र से श्रद्धालु पहुंचे। ढोल-दमाऊं और शंखनाद के साथ गढ़वाल क्षेत्र से देव डोलियां हरकी पैड़ी पहुंची। देव डोलियों के साथ श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान किया।
श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ हरकी पैड़ी क्षेत्र में है। इसके अलावा सुभाष घाट, गौ घाट, कनखल सहित अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ है। गंगा घाटों पर हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयकारे गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ दान-पुण्य किया। जिसमें खिचड़ी, तिल, गुड़ और ऊनी वस्त्रों का दान भी किया गया। गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ट ने कहा कि सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश कर दक्षिणायन से उत्तरायण हो गया है।
उत्तरायण काल को देवताओं का दिन कहा गया है। इस दिन मां गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व है। उत्तरायण काल अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक भी है, इस दिन से दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं।
इसमें आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे यह काल ध्यान, तप और पूजा-पाठ के लिए यह समय अत्यंत उत्तम माना जाता है।
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