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80वें स्वतंत्रता दिवस पर बाबा रामदेव ने फहराया तिरंगा, बोले 'सरकारी नौकरियों में 90 से 99% तक घोटाला'

Updated: Sat, 15 Aug 2026 12:30 PM (IST)

स्वामी रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस पर जेन-जी में बढ़ते नशे पर चिंता जताई, कहा आजादी का मतलब मनमानी नहीं। हरिद्वार में कुंभ मेला कार्यालय और एचआरडीए ने भी स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जेन-जी का एक हिस्सा नशे की गिरफ्त में जा रहा है। किसी को यह अपनी आजादी मान रहे हैं।

स्वामी रामदेव ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना और संघर्ष करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन इसके साथ लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों का पालन भी उतना ही जरूरी है। स्वतंत्रता का अर्थ मनमानी करना नहीं है। आज कुछ युवा आजादी के नाम पर नशे को जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई लड़के-लड़कियां नशे की गर्त में जा रहे हैं।

एक सिगरेट या नशे का सेवन करने के बाद घंटों धुएं के बीच रहने के बावजूद वे इसे अपनी स्वतंत्रता और निजी पसंद बताते हैं। मेरा जीवन, मेरी मर्जी का तर्क स्वतंत्रता की सही परिभाषा नहीं है। उन्होंने कहा कि मनमर्जी का नाम स्वतंत्रता नहीं है। भारत की परंपरा हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों और संयम का भी पाठ पढ़ाती है। हम ऋषियों, मुनियों, वीरों और वीरांगनाओं की परंपरा के उत्तराधिकारी हैं। हमारे जीवन में भगवान राम का आदर्श, श्रीकृष्ण का विवेक और भगवान शिव का संयम एवं साधना का भाव होना चाहिए।

स्वामी रामदेव ने कहा कि जो लोग आजादी और आधुनिकता के नाम पर नशे तथा बर्बादी का रास्ता चुन रहे हैं, वे न केवल अपने जीवन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि समाज और देश के लिए भी चिंता का विषय हैं।

योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि खासकर सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए व्यवस्था को सुधारने की नसीहत दी। झारखंड में छात्रों के आंदोलन से जुड़े सवाल पर स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में चारों तरफ हंगामा है। छोटे-छोटे स्कूल-कालेजों से बच्चे निकल रहे हैं। कहीं शिक्षक, किताबें, बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है तो जहां ये सुविधाएं हैं, वहां भी पढ़ाई में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं।

स्वामी रामदेव ने दो टूक कहा कि अभी भी समय है, व्यवस्था को सुधार लिया जाए, नहीं तो देश में और भी आंदोलन हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह आंदोलन के नाम पर अराजकता का न तो समर्थन करते हैं और न ही उसे बर्दाश्त करते हैं। लेकिन यह भी सच है कि देश में घपले और अनियमितताएं बहुत हैं। इन घपलों को ठीक कर लिया जाए, कहीं ऐसा न हो कि बाबा रामदेव को दोबारा आंदोलन करने के लिए सड़क पर उतरना पड़े।

स्वामी रामदेव ने कहा कि आज देश में नफरत और घृणा का ऐसा माहौल बन गया है कि संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष पाकिस्तान और हिंदुस्तान की तरह एक-दूसरे के खिलाफ खड़े दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देशहित में संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन जरूरी है।

सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला

स्वामी रामदेव ने आरोप लगाया कि खासकर सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है। अपनी जाति, वर्ग, समुदाय और विचारधारा से जुड़े लोगों को नौकरी दी जाती है और बाकी अभ्यर्थियों को अवसर से वंचित कर दिया जाता है। उन्होंने इसे अपमानजनक और लोकतंत्र के खिलाफ बताया।

उन्होंने कहा कि एक ओर हम ‘सत्यमेव जयते’ की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर पहले से तय करके लाखों-करोड़ों रुपये लेकर नौकरियां बांटने के आरोप लगते हैं। यदि देश में आंदोलन ही चलते रहे तो यह देश कैसे चलेगा? उन्होंने व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की जरूरत पर जोर दिया।

कुंभ मेला कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

हरिद्वार। कुंभ मेला अधिष्ठान द्वारा सीसीआर परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोहपूर्वक एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में मेलाधिकारी कुंभ मेला सोनिका ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर पुलिस गार्ड की टुकड़ी ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।

राष्ट्रगान एवं राष्ट्रीय गीत के गायन के साथ ही उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने, राष्ट्र की प्रगति में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने तथा आगामी कुंभ मेले को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक महान सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद प्राप्त हुई है। आजादी के इस अमूल्य उपहार को सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

मेलाधिकारी सोनिका ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मेला कार्यों से जुड़े कार्मिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी कार्मिकों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें तथा आमजन की सुविधा, सुरक्षा और बेहतरी के साथ-साथ राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान सुनिश्चित करें।

इससे पहले मेलाधिकारी सोनिका ने एचआरडीए के तत्वावधान में इंद्रमणि बडोनी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में बरगद एवं नीम के पौधे रोपित किए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित हरिद्वार के संकल्प को मजबूत करने का संदेश देते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेते हुए समाज एवं पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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