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    उत्तराखंड में करोड़ों बजट के बाद भी स्कूलों में 1042 निर्माण नहीं हुए शुरू, पीएबी ने जारी किए अधूरे कार्य

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 06:00 AM (IST)

    पिछले वर्ष केंद्र से मिले 560 करोड़ रुपये के बावजूद उत्तराखंड में 1042 स्कूल निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए, जिससे लगभग 100 करोड़ रुपये लैप्स हो गए। शिक् ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. पिछले वर्ष 560 करोड़ रुपये का बजट मिला।

    2. 1042 स्कूल निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए।

    3. लगभग 100 करोड़ रुपये की धनराशि लैप्स हुई।

    अशोक केडियाल, देहरादून। शिक्षा विभाग में लापरवाही की इंतिहा देखिए, केंद्र सरकार की ओर से पिछले वर्ष उत्तराखंड को समग्र शिक्षा के तहत 560 करोड़ से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण विभिन्न विद्यालयों में 1042 निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए। 13 मदों के लिए प्राप्त धनराशि के सापेक्ष जब वित्तीय वर्ष में कार्य पूरा नही हुआ तो करीब 100 करोड़ रुपये लैप्स हो गए।

    केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से समग्र शिक्षा के तहत इस वर्ष उत्तराखंड को 29 जून, 2026 को 676 करोड़ रुपये की स्वीकृत दी गई है, हालांकि अभी बजट मिलना शेष है।

    पिछले वित्तीय वर्ष में मिली 560 करोड़ की राशि का पूर्ण उपयोग नहीं होने से कई निर्माण कार्य अधूरे ही रह गए। समग्र शिक्षा के अंतर्गत जारी की गई रिपोर्ट अधूरे कार्य का ब्योरा दिया गया है।

    पिछले वर्ष के अधूरे कार्यों का विवरण

    आधारभूत सुविधा स्वीकृत कार्य अधूरे कार्य
    अतिरिक्त कक्षा-कक्ष 642 142
    छात्रा शौचालय 606 115
    छात्र शौचालय 484 85
    आर्ट-क्राफ्ट कक्ष 246 41
    मुख्य मरम्मत कार्य 1068 239
    कंप्यूटर कक्ष 177 47
    पुस्तकालय 224 35
    विज्ञान प्रयोगशाला 777 173

    विभाग आज तक तय नहीं कर पाया जिम्मेदारी

    समग्र शिक्षा के तहत राज्य को हर वर्ष केंद्र से अरबों रुपये की ग्रांट मिलती है। इसके बावजूद समय पर धनराशि खर्च नहीं होने से विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं विकसित नहीं हो पा रही हैं।

    निर्माण एजेंसी के साथ ही विद्यालय के प्रधानाध्यापक, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी की भूमिका निर्माण कार्यों की निगरानी में रहती है। इसके बावजूद कार्यों में देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने की प्रभावी व्यवस्था अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

    समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक में बड़ी धनराशि लैप्स होने को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में केंद्र से प्राप्त धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए और स्वीकृत निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। -डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री।

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