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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 15 हजार करोड़ का MOU, प्रदेश के लोगों को मिलेगा यह लाभ

By Jagran NewsEdited By: Siddharth Chaurasiya
Updated: Wed, 04 Oct 2023 05:45 PM (IST)

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को दिल्ली में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 के रोड शो के अवसर पर उत्तराखंड सरकार और जे एस डब्लयू नियो ...और पढ़ें

उत्तराखंड सरकार और जे एस डब्लयू नियो एनर्जी लिमिटेड के बीच 15 हजार करोड़ का MOU किया गया।
उत्तराखंड सरकार और जे एस डब्लयू नियो एनर्जी लिमिटेड के बीच 15 हजार करोड़ का MOU किया गया।

जागरण संवाददाता, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को दिल्ली में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 के रोड शो के अवसर पर उत्तराखंड सरकार और जे एस डब्लयू नियो एनर्जी लिमिटेड के मध्य 15 हजार करोड़ का MOU किया गया। MOU के तहत अल्मोड़ा में 1500 मेगावाट के 2 पम्प स्टोरेज का विकास किया जाएगा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में पंप स्टोरेज प्लांट, सीमेंट, स्पोर्ट, ट्रेनिंग सेंटर, पेयजल, कुमाऊ के मंदिरों (मानसखंड मंदिर माला को CSR के तहत ) पुन:र्द्धार व सौंदर्यकरण के क्षेत्र में सहयोग की अपेक्षा की।MOU के तहत जे एस डब्ल्यू एनर्जी 1500 मेगावाट क्षमता के अल्मोड़ा में 2 स्व-पहचान वाली पंप स्टोरेज परियोजनाएं स्थापित करने की योजना पर कार्य करेगी, जिसे अगले 5-6 वर्षों में विकसित किया जाएगा।

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अल्मोड़ा के जोसकोटे गांव में साइट 1 में यह योजना निचला बांध/जलाशय कोसी नदी से 8-10 किमी की दूरी पर प्रस्तावित है, तथा अल्मोड़ा के कुरचौन गांव में साइट 2 में यह ऊपरी जलाशय कोसी नदी से 16 किमी की दूरी पर प्रस्तावित है। इस योजना से एक बड़ी आबादी को पेयजल की आपूर्ति तथा कृषि के लिए सिचाई की सुविधा प्राप्त होगी। इसके साथ ही इस योजना से 1000 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने राज्य में पीएसपी के विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड पंप स्टोरेज परियोजना नीति तैयार की है, जो डेवलपर्स को प्रमुख प्रोत्साहन प्रदान करती है। MOU के दौरान सचिव डॉ मीनाक्षी सुंदरम, विनय शंकर पाण्डेय, एम डी सिडकुल, रोहित मीणा तथा जे एस डबल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड के निदेशक ज्ञान बद्र कुमार मौजूद रहे।

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