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    उत्तराखंड में मौसम ने छीनी मुस्कान, चिंता में डूबे प्रदेश के किसान

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 08:49 AM (IST)

    देहरादून में अप्रैल के पहले सप्ताह में हुई बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर रबी फसलों, विशेषकर गेहूं, और बागवानी ...और पढ़ें

    गेहूं की कटाई प्रभावित, आम-लीची की पैदावार पर भी मंडराया खतरा

     गेहूं की कटाई प्रभावित, आम-लीची की पैदावार पर भी मंडराया खतरा

    HighLights

    1. देहरादून में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से किसान चिंतित।

    2. गेहूं की फसल को नुकसान, उत्पादन पर असर।

    3. लीची, आम के फूल-फल झड़ने से पैदावार घटी।

    विजय जोशी, देहरादून। अप्रैल के पहले सप्ताह में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम के इस बदले मिजाज का सीधा असर रबी फसलों के साथ-साथ बागवानी पर भी पड़ने लगा है। पहाड़ी इलाकों में हिमपात और दून घाटी में तापमान में आई गिरावट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।

    प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है और कई स्थानों पर कटाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में तेज हवाओं और बारिश के कारण फसल के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं। ओलावृष्टि के चलते दानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, बागवानी के क्षेत्र में भी मौसम की मार साफ दिखने लगी है।

    देहरादून की पहचान मानी जाने वाली लीची इस समय फल बनने की अवस्था में है। बारिश और तेज हवाओं के कारण फूल और छोटे फल झड़ने लगे हैं, जिससे पैदावार पर असर पड़ सकता है।

    आम के पेड़ों में भी बौर आने का समय होने के कारण प्रतिकूल मौसम परागण प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है, जिससे फल कम लगने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बनी हुई है और आगामी कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम बने रहने के आसार हैं।

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    लीची-आम की मिठास फीकी कर सकता है मौसम
    राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में आम और लीची की बागवानी बड़े पैमाने पर की जाती है, लेकिन इस वर्ष बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। यदि मौसम का यही रुख बना रहा, तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है।

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    इस समय आम और लीची दोनों फसलों में फूल और फल बनने का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है। ऐसे में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं सीधे तौर पर फलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

    कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तेज हवाओं से फूल झड़ने और ओलावृष्टि से फलों के गिरने का खतरा रहता है, जिससे उत्पादन में गिरावट आ सकती है। स्थानीय बागवानों का कहना है कि यदि समय रहते मौसम सामान्य नहीं हुआ, तो इस साल भी आम और लीची की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

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