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उत्तराखंड में SIR पर गरमाई सियासत: कांग्रेस का 'वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च', प्रदेश भर में प्रदर्शन

Published: Thu, 08 Oct 2026 01:01 PM (IST)Updated: Thu, 08 Oct 2026 03:18 PM (IST)

उत्तराखंड में कांग्रेस ने मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर 'वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च' निकाला।

HighLights

  1. कांग्रेस ने मतदाता सूची और वोट चोरी के मुद्दे पर मार्च निकाला

  2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मिलीभगत का आरोप लगाया

  3. राहुल गांधी के उठाए मुद्दे पर निष्पक्ष जांच की मांग की गई

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर 'वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च' निकाला गया। 

घंटाघर पर मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला फूंका

देहरादून: मतदाता अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के घटक दलों और सिविल सोसाइटी संगठनों ने गुरुवार को देहरादून में ‘लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ’ संयुक्त मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने आठ अक्टूबर को लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिवस’ बताते हुए चुनाव आयोग से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस भवन, राजपुर रोड से जुलूस के रूप में गांधी पार्क पहुंचे। यहां इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों और सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधि भी मार्च में शामिल हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता घंटाघर पहुंचे, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। बाद में मार्च डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचा और सभा में तब्दील हो गया।

मतदाता सूची से हटे नामों की समीक्षा की मांग

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और आम मतदाता के वोट के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटता है तो उसकी पारदर्शी समीक्षा कर उचित समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन आगे भी संघर्ष जारी रखेगा।

सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता इंद्रेश मैखुरी ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा करने और पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की। कामरेड समर भंडारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गठबंधन की ओर से उठाए जा रहे सवालों का उल्लेख किया।

सीटू के लेखराज ने कहा कि चुनाव आयोग की जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल एकजुट हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. एसएन सचान ने कहा कि मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को गंभीरता से लेते हुए चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

ECI-NET को लेकर भी उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीकी व्यवस्था ECI-NET को लेकर उठ रहे सवालों का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग से इस संबंध में स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब देने की मांग की। सभा में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, सुजाता पॉल, इंसानियत मंच के संयोजक डॉ. रवि चोपड़ा, सीपीआई(एम) के जिला सचिव शिव प्रसाद देवली समेत अन्य नेताओं ने भी विचार रखे।

कांग्रेसियों ने वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च निकाला

उत्तरकाशी: जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर 'वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च' निकाला। इस दौरान कांग्रेसियों ने बस अड्डे के पास मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।

कांग्रेस जिलाक्ष प्रदीप सिंह रावत के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से बस अड्डा तक निकाले गये मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। बांह पर काली फीती बांधकर पहुंचे कांग्रेसियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सरकार के साथ मिली भगत कर और वोट चोरी करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से मतदाता सूची एवं कथित वोट चोरी का मुद्दा देश के सामने उठा रहे हैं। कांग्रेस इन मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग करती है, ताकि प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

बाद में, कांग्रेसियों ने नगर पालिका परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचा, जहां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326, जो वयस्क मताधिकार का संवैधानिक आधार है, का वाचन किया गया। प्रदर्शन में कमल सिंह रावत, कनकपाल परमार, विजेंद्र नौटियाल, सुधीश पंवार, शीशपाल पोखरियाल, भगत सिंह, एकादशी, जावेद खान, अनुराग रांगड़ आदि रहे।

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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, पुतला फूंका

चंपावत : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और गांधी चौक पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिराग़ फर्त्याल की अगुवाई में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ता मोटर स्टेशन स्थित गांधी चौक पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी सवाल उठाए। गांधी चौक पर धरना देकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किए गए बदलावों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए और निर्वाचन आयोग के फैसलों की जांच की जानी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की मांग की। इस मौके पर कांग्रेस पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

वोट चोरी के विरोध में सड़कों पर उतरा इंडिया गठबंधन

नैनीताल : वोट चोरी के मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन सड़कों पर उतर आया हैं। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में भारी संख्या में एकजुट कांग्रेस और भाकपा माले से जुड़े कार्यकर्ताओ ने पदयात्रा निकाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। माल रोड होते हुए तल्लीताल डांठ में कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया।

गुरुवार को इंडिया गठबंधन के बैनर तले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता मल्लीताल पंत पार्क में एकत्रित हुए। जहां से कार्यकर्ताओं ने विशाल पदयात्रा निकली। कार्यकर्ताओ ने वोट चोरी पर सरकार को घेरते हुए जमकर नारेबाजी की। मालरोड होते हुए पदयात्रा तल्लीताल डांठ पहुंची। जहां सभा कर वक्ताओं ने वोट चोरी, एसएआर के जरिये लोगों से मतदान का अधिकार छीनने के आरोप लगाते हुए सरकार को जमकर घेरा।

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यशपाल आर्य ने कहा कि आज संविधान को बचाने के लिए आज तमाम संगठन एकजुट होकर सड़क पर उतरे है। आज सरकार द्वारा किये गए कारनामों से मताधिकार खतरे में है। 2023 में जब संसद का सत्र चल रहा था तो भाजपा ने कांग्रेस के सांसदों को निलंबित कर लोकयुक्त, मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे पदों पर बैठे अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने का बिल पास करवा लिया। वर्षों से भाजपा वोट चोरी कर सरकार बना रही है।

इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, नगर अध्यक्ष सचिन नेगी, पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश नैनवाल, पूर्व विधायक रणजीत रावत, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, हरीश पनेरु, लाखन नेगी, कमलेश यादव, सीमा आर्य, गोपाल बिष्ट, देवेंद्र चनौतिया, भाकपा माले से कैलाश जोशी, डीएस मेहता, भावना भट्ट, राधा आर्य, पीसी गोरखा, हिमांशु पांडे, अंकित चंद्रा समेत भारी संख्या में कांग्रेस और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कांग्रेस ने निकाला विरोध मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग

रुद्रपुर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ऊधम सिंह नगर ने जिला मुख्यालय पर विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

कांग्रेस कार्यकर्ता गुरूवार सुबह गल्ला मंडी में एकत्र हुए। यहां से मार्च गल्ला मंडी रोड, भगत सिंह चौक और मुख्य बाजार होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा। कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्य मार्ग पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई सहित चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए गए।

उपनेता प्रतिपक्ष एवं खटीमा विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने कहा कि चुनाव व्यवस्था पर जनता का विश्वास लोकतंत्र की बुनियाद है। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि जनता के मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है। किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी ने भी चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।

प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष ममता रानी, काशीपुर महानगर अध्यक्ष अलका पाल, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, सुभाष बेहड़, मोहन खेड़ा, ममता हालदार, एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। समाजवादी पार्टी समेत एनडीए घटक दलों से जुड़े लोग भी प्रदर्शन में मौजूद रहे।