इस सीजन महंगे मिलेंगे सेब, उत्तराखंड में 20 फीसदी तक उत्पादन में गिरावट के आसार; सामने आई वजह
उत्तराखंड में इस बार मौसम की मार और कम बर्फबारी के कारण सेब उत्पादन में 15-20% की गिरावट का अनुमान है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
मौसम और कम बर्फबारी से सेब उत्पादन प्रभावित।
उत्पादन में 15-20 प्रतिशत गिरावट का अनुमान।
उद्यान विभाग ने विस्तृत सर्वेक्षण के निर्देश दिए।
राज्य ब्यूरो, देहरादून। मौसम की मार के चलते उत्तराखंड में इस बार सेब का उत्पादन कम रहेगा। सेब उत्पादक जिलों से उद्यान विभाग को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत की गिरावट के आसार हैं। यद्यपि, संबंधित जिलों के मुख्य उद्यान अधिकारियों को गहन सर्वेक्षण कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ही उत्पादन में गिरावट को लेकर सही तस्वीर साफ हो पाएगी।
उत्तराखंड में 10 जिलों के अंतर्गत 11766.72 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले सेब के बागानों से 44100.05 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है, लेकिन इस बार सर्दी के मौसम में पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण उत्पादन और सेब की गुणवत्ता प्रभावित होना तय माना जा रहा है।
सेब के पौधों को निश्चित अवधि तक पर्याप्त चिलिंग आवर्स न मिलने के उत्तरकाशी समेत अन्य जिलों के कई पुराने बागों में सेब के पेड़ फलत में नहीं आए। यही नहीं, दूसरे बागीचों में भी उत्पादन कुछ कम नजर आ रहा है।
ऐसे में बागवानों के माथों पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। रही-सही कसर आपदा ने पूरी कर दी है। जिन क्षेत्रों में सेब तुड़ान प्रारंभ हो गया है, वहां मार्ग बाधित होने से सेब के स्टोरेज में दिक्कत आ रही है। बागवानी मिशन के निदेशक महेंद्र सिंह पाल के अनुसार सेब उत्पादक क्षेत्रों से प्रारंभिक जानकारी मिली है, लेकिन संबंधित जिलों के मुख्य उद्यान अधिकारियों को जल्द से जल्द स्थिति को लेकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे कदम उठाए जाएंगे।
राज्य में सेब का क्षेत्रफल
| जिला | क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) |
| उत्तरकाशी | 5,046.76 |
| देहरादून | 2,518.57 |
| चमोली | 1,084.20 |
| नैनीताल | 1,038.35 |
| टिहरी | 769.94 |
| अल्मोड़ा | 372.17 |
| पौड़ी | 361.15 |
| पिथौरागढ़ | 233.58 |
| चंपावत | 223.00 |
| बागेश्वर | 63.07 |
| रुद्रप्रयाग | 55.93 |
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