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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिलाई कारखाने में भीषण आग लगने से जिंदा जला टेलर

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Updated: Mon, 25 Feb 2019 10:56 AM (IST)

घोसी गली में स्थित सिलाई कारखाने में शनिवार देर रात लगी आग में एक टेलर जिंदा जल गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद जब कारखाने का शटर तोड़ा गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

सिलाई कारखाने में भीषण आग लगने से जिंदा जला टेलर
सिलाई कारखाने में भीषण आग लगने से जिंदा जला टेलर

देहरादून, जेएनएन। घोसी गली में स्थित सिलाई कारखाने में शनिवार देर रात लगी आग में एक टेलर जिंदा जल गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद जब कारखाने का शटर तोड़ा गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
तंग गलियों में फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी के न पहुंच पाने के चलते छोटी गाड़ियों से करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। टेलर मूलरूप से सहारनपुर का रहने वाला था।
कोतवाली पुलिस के अनुसार, स्कूल ड्रेस बनाने वाली एजेंसी बिज एंड सन्स का घोसी गली में सिलाई का कारखाना है। जहां कई टेलर स्कूल ड्रेस की सिलाई करते हैं। देर रात एक बजे के करीब कारखाने के ऊपर रह रहे लोगों ने दुकान से धुंआ उठता देखा।
उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्रित हो गए और कारखाने का भीतर से बंद शटर खुलवाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन अंदर सो रहे जयप्रकाश (26) निवासी रामपुर, मनिहारन, सहारनपुर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस बीच फायर सर्विस की छोटी गाड़ी मौके पर पहुंची और किसी तरह ऊपर की मंजिल मौजूद लोगों को नीचे उतारा गया।
इसके साथ ही शटर तोड़ने का भी प्रयास शुरू कर दिया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शटर तोड़ने में कामयाबी मिली। शटर टूटने तक कारखाने में रखे कपड़े और सिलाई मशीन कबाड़ हो चुकी थीं और पास में ही जयप्रकाश की गंभीर रूप से जल जाने के कारण मौत हो चुकी थी।
एसएसआइ कोतवाली अशोक राठौर ने बताया कि आग लगने का कारण प्रथमदृष्टया शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। संकरे इलाकों के लिए है अल्टीमेटम घोषी गली में लगी आग आने वाले फायर सीजन और तंग गलियों में रह रहे लोगों के लिए अल्टीमेटम है।
दून शहर के कई ऐसे इलाके हैं, जहां बड़ी गाड़ियां पहुंचना तो दूर ऑटो और बाइक भी बड़ी मुश्किल से गुजर पाती हैं। घोसी गली, पलटन बाजार, झंडा बाजार, भगत सिंह कॉलोनी समेत शहर में ऐसे एक दर्जन से अधिक इलाके हैं, जहां की सड़कों पर इतनी भी जगह नहीं है, कि दमकल की बड़ी तो दूर छोटी गाड़ियां तक पहुंच सकें। ऐसे में यदि इन इलाकों में आग लगती है तो हालात मुश्किल होंगे।
रात की थी स्कूटी खरीदने की पार्टी
स्थानीय लोगों ने बताया कि जयप्रकाश ने एक-दो दिन पहले स्कूटी खरीदी थी। इसकी खुशी में उसने शनिवार को अपने दोस्तों को पार्टी दी थी। पार्टी कर जब उसके दोस्त अपने घर चले गए तो जय प्रकाश शटर गिरा कर अंदर सोने चला गया। इसके बाद आग लग गई, जिसमें उसकी जलकर मौत हो गई।
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