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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधायकों को चुनावी बोनस मे तीन-तीन विद्यालय देगी सरकार

By BhanuEdited By:
Updated: Fri, 28 Oct 2016 04:00 AM (IST)

विधानसभा चुनाव से ऐन पहले माननीयो को तीन-तीन नए विद्यालयो का तोहफा देने की सरकार की तैयारी है। 32 विधायको पर ये मेहर खासतौर पर बरसेगी।

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देहरादून, [रविंद्र बड़थ्वाल]: विधानसभा चुनाव से ऐन पहले माननीयो को तीन-तीन नए विद्यालयो का तोहफा देने की सरकार की तैयारी है। सरकार पर संकट मंडराने के दौरान मुस्तैदी से साथ खड़े रहे 32 विधायको पर ये मेहर खासतौर पर बरसेगी।
इसके तहत प्रत्येक विधायक से उनके विधानसभा क्षेत्र मे दो हाईस्कूल और एक इंटर कॉलेज खोलने के प्रस्ताव मांगे जाएंगे। नए विद्यालयो की स्थापना उच्चीकरण से की जाएगी। यानी जूनियर हाईस्कूल से हाईस्कूल और हाईस्कूल को उच्चीकृत कर इंटर कॉलेज बनाए जाएंगे। इस तोहफे से सरकारी खजाने पर तकरीबन 118 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

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माननीयो को नए तीन विद्यालयो का तोहफा देने की तैयारी को गुपचुप तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। दरअसल, विधायको की ओर से विद्यालयो के उच्चीकरण को लेकर सरकार पर काफी दबाव है। शिक्षा महकमो को इस संबंध मे धड़ल्ले से प्रस्ताव मिल रहे है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से भी विधायको के प्रस्तावो को महकमे को भेजा जा रहा है। इस दबाव को महसूस कर सरकार ने हर विधायक को तीन-तीन विद्यालयो का तोहफा देने की योजना बनाई है।
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी विभागीय बैठको मे आला अधिकारियो को निर्देश दे चुके है। यह दीगर बात है कि जाहिर तौर पर वह इस मामले मे टिप्पणी करने से गुरेज कर रहे है।
दरअसल, विधानसभा चुनाव के मौके पर मामला तूल पकड़ने का डर शिक्षा मंत्रालय को है। इस वजह से मंत्रालय ऐहतियात बरतते हुए ही आगे बढ़ना चाह रहा है। हालांकि, विधायको को इस तोहफे से नवाजने का रिवाज नया नही है।

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कांग्रेस की पिछली एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल मे भी हर विधायक को पांच-पांच नए विद्यालय देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना मे काफी संख्या मे विद्यालय उच्चीकृत किए गए। भाजपा की पिछली सरकार ने भी वर्ष 2011 मे एकमुश्त 30 विद्यालयो को उच्चीकृत किया था।
हालांकि, विधायको को नए विद्यालयो की सौगात देने मे कांग्रेस की सरकारे अधिक उदार रही है। प्रदेश में दूसरी बार काबिज हुई कांग्रेस सरकार ने मौजूदा कार्यकाल मे बड़े पैमाने पर विद्यालयो का उच्चीकरण किया है।
16 साल मे 1438 विद्यालय उच्चीकृत
राज्य बनने के बाद से 16 वर्ष की अवधि मे 1438 विद्यालयो को उच्चीकृत किया जा चुका है। इनमे 871 जूनियर हाईस्कूलो को हाईस्कूल और 621 हाईस्कूलो को इंटर स्तर पर उच्चीकृत किया गया है। चुनाव के मौके पर सरकार की योजना कामयाब हुई तो उच्चीकृत विद्यालयो मे 96 का और इजाफा हो जाएगा। सरकार पर्वतीय क्षेत्रो मे तो माध्यमिक विद्यालयो के उच्चीकरण के मानको मे ढील देने की पैरवी केद्र सरकार से कर रही है।

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118 करोड़ से ज्यादा होगा खर्च
वर्तमान मे 58 सदस्यीय विधानसभा मे सरकार समर्थक विधायको की संख्या 32 है। इनमे कांग्रेस के 26, निर्दलीय तीन, बसपा के दो और उक्रांद का एक विधायक शामिल है। चुनाव के मौके पर इन 32 विधायको को तरजीह मिलने पर 96 विद्यालय उच्चीकरण के दायरे मे आएंगे।
इनमे 64 हाईस्कूल और 32 इंटर कॉलेज है। वर्तमान मे एक हाईस्कूल मे सात शिक्षको के वेतन और विद्यालय भवन निर्माण पर करीब एक करोड़ खर्च बैठ रहा है। प्रत्येक नया इंटर कॉलेज बनने पर शिक्षको के वेतन और भवन निर्माण पर यह खर्च 1.70 करोड़ होगा।
ऐसे मे 96 विद्यालयो के उच्चीकरण पर 118 करोड़ से ज्यादा खर्च आना तय है। जाहिर है कि इसके भारी-भरकम बजट की व्यवस्था राज्य को करनी होगी।
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