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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड में अतिथि शिक्षकों के लिए सरकार ने तलाश लिया फार्मूला

By Gaurav KalaEdited By:
Updated: Sat, 10 Dec 2016 12:49 PM (IST)

मुख्‍यमंत्री हरीश रावत के मुताबिक, उन्‍होंने ऐसा फामूर्ला ढूंढ निकाला है, जिससे अतिथि शिक्षकों को आंदोलन के लिए बाध्‍य नहीं होना पड़ेगा।

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देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड सरकार अतिथि शिक्षकों को शिक्षा महकमे में समायोजित करने के लिए कारगर फार्मूले को अंजाम दे रही है। बकौल मुख्यमंत्री हरीश रावत, इस फार्मूले के तहत अतिथि शिक्षकों को स्थाई नियुक्ति के लिए काफी अधिमान मिल जाएगा। कठिन स्थानों के विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को अधिक अधिमान मिलेगा। इससे सभी अतिथि शिक्षकों को लाभ मिलना तय है।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अतिथि शिक्षकों के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है। इसलिए अतिथि शिक्षकों को अधिमान दिए जाने के साथ एप्टीट्यूड टेस्ट की व्यवस्था भी की गई है। जो अतिथि शिक्षक जितने दुर्गम क्षेत्र में सेवा दे रहा है, उसे उतना ही अधिक अधिमान मिलेगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फार्मूले से सभी अतिथि शिक्षकों को लाभ मिलेगा। अतिथि शिक्षकों के आंदोलन के संबंध में उन्होंने कहा कि वह बाल हठ से टकराना नहीं चाहते। इन शिक्षकों के प्रति उनका भावनात्मक झुकाव है। बेहतर यही होगा कि अतिथि शिक्षक इस समय अपने विद्यालयों में जाएं और पढ़ाई व्यवस्था को दुरुस्त करें। इससे उन्हें जनता की सहानुभूति और समर्थन भी मिलेगा।

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