देहरादून: पहले धोखे से शादी, फिर शारीरिक शोषण; एसडीओ राजीव नयन नौटियाल गिरफ्तार
विकासनगर पुलिस ने चकराता वन प्रभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को धोखे से शादी और शारीरिक शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून)। कोतवाली विकासनगर की पुलिस ने तलाक के फर्जी दस्तावेज दिखाकर धोखे से महिला से विवाह कर शारीरिक शोषण करने के आरोप में चकराता वन प्रभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को दिनकर विहार स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है।
12 जुलाई को ऋषिकेश क्षेत्र की एक महिला ने एसडीओ राजीव नयन नौटियाल के खिलाफ तहरीर देकर मामला दर्ज कराया था। महिला ने आरोप लगाया कि राजीव नयन ने तलाक के फर्जी दस्तावेज दिखाकर उसके साथ विवाह किया और फिर शारीरिक शोषण किया।
जान से मारने की धमकी दी
इसके साथ ही दहेज की मांग की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला ने बताया कि वह वर्ष 2025 में राजीव नयन के संपर्क में आई थी, जिसने कहा कि उसका अपनी पत्नी से तलाक होने वाला है। कुछ समय बाद राजीव नयन ने महिला को एक कागज दिखाया कि उसका तलाक हो गया है। वर्ष 2026 में दोनों ने शादी कर ली।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि एसडीओ राजीव नयन नौटियाल ने अपने पूर्व विवाह और तलाक की वास्तविक स्थिति छिपाते हुए पीड़िता से विवाह किया और उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। विवाह के बाद दहेज की मांग कर उत्पीड़न किया गया।
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इससे पहले भी उसकी पहली पत्नी ने आरोपित के खिलाफ मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और दहेज का मामला दर्ज कराया था। आरोपित का तलाक अभी तक नहीं हुआ है। कोतवाल राजीव रौथाण के अनुसार गुरुवार को एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है।
हमेशा चर्चाओं में रहे एसडीओ
एसडीओ राजीव नयन नौटियाल हमेशा चर्चाओं में रहे हैं। पहले आरोपित के खिलाफ उनकी आइटीआइ की प्रधानाचार्य पत्नी ने कोतवाली विकासनगर में दहेज के लिए उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रधानाचार्य पत्नी ने आइटीआइ में आकर फोन तोड़ने व हंगामा करने पर कालसी कोतवाली में भी एसडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
कोतवाली विकासनगर क्षेत्र में यमुना पुल बाड़वाला में मारपीट मामले में भी एसडीओ के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। हालांकि, एसडीओ की ओर से भी क्रास मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपित एसडीओ को वन मंत्री के कार्यक्रम में न जाने पर निलंबित भी किया गया था, जिसको लेकर एसडीओ ने न्यायालय की शरण ली थी।