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    आरटीआइ में देरी पड़ी भारी, रुड़की नगर निगम के दो अफसरों पर 20 हजार का जुर्माना

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 05:02 PM (IST)

    नगर निगम रुड़की के दो अधिकारियों पर आरटीआइ जानकारी देने में छह माह की देरी और अधूरी सूचना के लिए उत्तराखंड सूचना आयोग ने 20 हजार रुपये का जुर्माना लगा ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना करीब छह महीने तक लंबित रखने और बाद में अधूरी सूचना देने पर उत्तराखंड सूचना आयोग ने नगर निगम रुड़की के दो अधिकारियों पर कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

    राज्य सूचना आयुक्त दिलीप सिंह कुंवर के आदेश में यह कार्रवाई लोक सूचना अधिकारी एवं सहायक नगर आयुक्त अमरजीत कौर व डीम्ड लोक सूचना अधिकारी एवं कर निर्धारण एवं राजस्व अधिकारी एसपी गुप्ता पर की गई।

    समय पर उपलब्ध नहीं कराई सूचना 

    मामला दिल्ली निवासी विराट अग्रवाल की ओर से नगर निगम रुड़की से होर्डिंग विज्ञापन से संबंधित नियमावली तथा वर्ष 2010 से 2025 तक लगाए गए होर्डिंग विज्ञापनों से संबंधित सूचनाओं से जुड़ा है। आदेश के अनुसार संबंधित आरटीआइ आवेदन नगर निगम के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।

    11 दिसंबर 2025 को प्रथम और 20 दिसंबर 2025 को दूसरा अनुस्मारक भेजा गया। इसके बाद 21 मई 2026 को तृतीय अनुस्मारक जारी हुआ। संबंधित अधिकारी ने गत 25 मई को सूचना उपलब्ध कराने के लिए आवेदन सूचना अनुभाग में दिया और इसके बाद 27 मई को सूचना भेजी गई। यानी आयोग ने इसे लगभग छह माह का विलंब माना।

    मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया। आयोग ने पहले ही विभागीय अपीलीय अधिकारी को प्रथम अपील का समय पर निस्तारण करने का निर्देश दिया था। आयोग ने पाया कि प्रथम अपील का निस्तारण समय पर नहीं किया गया और निर्धारित अवधि भी पार हो गई। आयोग ने इसे अधिनियम के प्रविधानों की घोर अवहेलना बताया।

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    अधिकारी सुनवाई में भी नहीं पहुंचे, लिखित जवाब भी नहीं दिया

    आयोग के अनुसार 4 जून 2026 की सुनवाई में कारण बताओ नोटिस के तहत संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से कोई लिखित स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इस आधार पर दोनों अफसरों पर 10-10 हजार रुपये की शास्ति लगाई। आदेश में कहा गया है कि यह राशि राज्यकोष में जमा कराई जाए और जमा की गई धनराशि तथा कार्रवाई की सूचना आयोग को भी उपलब्ध कराई जाए।