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    ऋषिकेश में बंजी जंपिंग और राफ्टिंग: सुरक्षा मानकों की अनदेखी बन रही जानलेवा

    Updated: Fri, 20 Feb 2026 12:03 AM (GMT+05:30)

    ऋषिकेश में बंजी जंपिंग और राफ्टिंग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है। हालिया घटनाओं ने कंपनियों द्वारा मुनाफाखोरी और विभागीय निगरान ...और पढ़ें

    बीते नवंबर 2025 में शिवपुरी स्थित बंजी जंपिंग केंद्र में रस्सी टूटने से छत पर गिरा युवक। वीडियो ग्रैब

    बीते नवंबर 2025 में शिवपुरी स्थित बंजी जंपिंग केंद्र में रस्सी टूटने से छत पर गिरा युवक। वीडियो ग्रैब

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    गौरव ममगाईं, ऋषिकेश। बीते दो दिन से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा बंजी जंपिंग के दौरान एक महिला की मौत का वीडियो ऋषिकेश से जुड़ा होने की अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इस घटना ने देशभर में विख्यात बंजी जंपिंग व राफ्टिंग केंद्रों के सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं।

    वहीं ऋषिकेश में बीते महीनों इन साहसिक खेलों में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर मानकों की अनदेखी भी सामने आई है।

    देखने में आया है कि बंजी जंपिंग व राफ्टिंग कंपनी अक्सर अधिक मुनाफा कमाने की चाह में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से गुरेज नहीं करती हैं, जिसका नतीजा हादसे के रूप में सामने आता रहा है।

    इससे सवाल उठते रहे हैं कि पर्यटकों की जान से जुड़े इस जोखिम भरे खेल में विभागीय अधिकारी, एडवेंचर कंपनियों में सुरक्षा मानकों की नियमित रूप से निगरानी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

    दरअसल, बंजी जंपिंग व राफ्टिंग जितना रोमांचकारी साहसिक खेल है, उतना ही जोखिम भरा है। जरा सी गलती व लापरवाही हादसे का कारण बनती है।

    इसके लिए बंजी जंपिंग व राफ्टिंग के लिए अलग-अलग सुरक्षा मानक भी बनाए गए हैं। एडवेंचर कंपनी को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी सूरत में सुरक्षा मानकों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।

    पर्यटन विभाग को बंजी जंपिंग व साहसिक खेल विभाग को राफ्टिंग में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने व निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन अक्सर बंजी जंपिंग व राफ्टिंग के दौरान कंपनियों द्वारा सुरक्षा मानकों में अनदेखी करते देखा जाता रहा है।

    भले ही जिला पर्यटन विभाग टिहरी व साहसिक खेल विभाग मुनिकीरेती सुरक्षा मानकों का पालन कराने के दावे कर रहा हो, लेकिन बीती कई हादसे विभागों की गंभीरता को बयां करने के लिए काफी हैं।

    हादसे ने खोली थी सुरक्षा मानकों की पोल

    बीती 12 नवंबर 2025 को टिहरी जिले के शिवपुरी स्थित थ्रिल फैक्ट्री में बंजी जंपिग के दौरान एक युवक रोप (रस्सी) टूटने के कारण कई मीटर की ऊंचाई से नीचे टीन शेड गिर गया था। युवक को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था।

    इस हादसे में रोप टूटना यह दर्शाता है कि निर्धारित समयसीमा के बाद भी रोप का प्रयोग किया जा रहा था, जो कि पर्यटकों की सुरक्षा मानकों के साथ गंभीर खिलवाड़ था। यही नहीं, हादसे के समय घायल युवक को अस्पताल ले जाने के लिए बंजी जंपिंग स्टेशन में एंबुलेंस की व्यवस्था भी नहीं थी।

    खबरें और भी

    राफ्टिंग में पिछले एक साल में दो मौतें

    गंगा रिवर राफ्टिंग में रोमांच के साथ जान का जोखिम भी कम नहीं है। बीते एक वर्ष में राफ्टिंग के दौरान दो अलग-अलग हादसे में दो मौतें हो चुकी हैं।

    राफ्टिंग में कंपनी के लिए सुरक्षा मानकों का पालन करना जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण पर्यटकों का जागरूक होना भी है।

    ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान अधिक मांग होने पर अक्सर कई राफ्टिंग कंपनियों द्वारा एक राफ्ट के एक दिन में दो से तीन चक्कर लगाने व कई बार कम उम्र या शारीरिक रूप से कमजोर युवाओं को गाइड की जिम्मेदारी सौंपने पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

    वहीं, कई बार पर्यटकों के गलत निर्णय भी हादसे को आमंत्रित करते नजर आते रहे हैं। कई कमजोर दिल वाले पर्यटक भी राफ्टिंग करने का जोखिम लेते हैं, लेकिन जब रैपिड में राफ्ट पलटती है तो वे तुरंत ही हिम्मत हारने लगते हैं। हालांकि, गाइड उन्हें आसानी से राफ्ट में कैरी कर लेते हैं।

    ये हैं राफ्टिंग के लिए सुरक्षा मानक

    • राफ्टिंग गाइड को न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव
    • प्राथमिक उपचार का बेसिक कोर्स (रेड क्रास सोसायटी, सरकारी अस्पताल व अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा)
    • मेडिकल फिट प्रमाण-पत्र
    • गाइड की न्यूनतम आयु 18 व अधिकतम 50 वर्ष हो और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 10वीं पास।
    • राफ्ट, लाइफ जैकेट, हेलमेट, प्राथमिक उपचार सामग्री, थ्रो-बैग आदि उच्च क्वालिटी के हों व दयनीय स्थिति में न हों।
    • एक राफ्ट में एक गाइड व एक सहायक (तैराकी में प्रशिक्षित) होना अनिवार्य।
    • एडवेंचर कंपनी का अपना आफिस होना अनिवार्य है। जहां पर्यटक किसी भी असुविधा को लेकर शिकायत दर्ज कर सकें।

    बंजी जंपिंग के लिए प्रमुख सुरक्षा मानक

    • आइआइटी रुड़की से बंजी जंपिंग स्टेशन का इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा उपकरण का अप्रूवल अनिवार्य
    • इसके बाद जिला विकास प्राधिकरण से एनओसी।
    • इसके बाद उत्तराखंड पर्यटन विभाग में बंजी जंपिंग स्टेशन के लिए आवेदन के बाद तकनीकी विशेषज्ञ टीम द्वारा जांच।
    • बंजी जंपिंग स्टेशन में अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्तर की इलास्टिक रस्सियां (वजन के अनुसार) होना अनिवार्य।
    • सुरक्षा की गारंटी के लिए टखने व शरीर दोनों के लिए हार्नेस का उपयोग।
    • प्रशिक्षित एवं अनुभवी जंपिंग मास्टर
    • छोटे बच्चों के लिए प्रतिबंध
    • बंजी जंपिंग हृदय रोग, हाई बीपी, गंभीर चोट वाले व अन्य गंभीर रोग वाले लोगों के लिए भी प्रतिबंधित
    • कूदने से पहले विशेष फार्म पर हस्ताक्षर, सुरक्षा नियमों की जानकारी देना। किसी भी व्यक्ति पर संदेह हो तो तुरंत डाक्टर को बुलाकर चेक-अप (विशेषकर 50 वर्ष से अधिक आयु में) कराना।
    • सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच व निर्धारित आयुसीमा के बाद उपयोग न करना।
    • प्रत्येक बंजी जंपिंग स्टेशन में एंबुलेंस व चिकित्सा कर्मी की उपस्थिति अनिवार्य।

    विभाग द्वारा राफ्टिंग में पर्यटकों की सुरक्षा को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। इसके लिए वर्तमान में विभाग द्वारा 470 गाइडों को सीपीआर (रेस्क्यू व पंपिंग एंड ब्रिथनेस) व प्राथमिक उपचार का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीपीआर प्रशिक्षण मिलने के बाद अब प्रशिक्षित गाइड आपात परिस्थितियों में भी बह रहे पर्यटक को बचाने में सक्षम होंगे। विभागीय टीम लगातार किसी भी राफ्टिंग प्वाइंट में औचक निरीक्षण कर राफ्ट व सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता की जांच करती है। साथ ही गाइड की पात्रता भी जांची जाती है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित एडवेंटर कंपनी के खिलाफ कई प्रकार की कार्रवाई भी की जाती है ।
    - जसपाल सिंह चौहान, साहसिक खेल अधिकारी, मुनिकीरेती (टिहरी)

    शिवपुरी बंजी जंपिंग के लिए देशभर में विख्यात है। बंजी जंपिंग के प्रति पर्यटक खासा आकर्षित हो रहे हैं। पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन व साहसिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन साहसिक गतिविधियों में पर्यटकों की सुरक्षा मानकों का भी सख्ती से पालन कराया जाता है। विभाग समय-समय पर तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा बंजी जंपिंग स्टेशनों में सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता व आयुसीमा की जांच कराता है। बीते नवंबर में हुए हादसे की सूचना मिलते ही विभाग द्वारा संबंधित बंजी जंपिंग स्टेशन में तुरंत सभी गतिविधियों पर कई दिनों तक रोक लगाई गई थी। सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने पर ही विभाग अनुमति देता है।
    - सोबत सिंह राणा, जिला पर्यटन अधिकारी (टिहरी)