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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में राष्ट्रपति चुनाव को 71 विधायकों ने डाले वोट

By BhanuEdited By:
Updated: Mon, 17 Jul 2017 05:18 PM (IST)

राष्ट्रपति चुनाव के लिए उत्तराखंड में कुल 71 विधायकों ने मतदान किया। इनमें 70 विधायक उत्तराखंड के और एक विधायक बिहार के हैं।

उत्तराखंड में राष्ट्रपति चुनाव को 71 विधायकों ने डाले वोट
उत्तराखंड में राष्ट्रपति चुनाव को 71 विधायकों ने डाले वोट

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सोमवार को विधानसभा में हुए मतदान में राज्य में 71 विधायकों ने मतदान किया। इनमें उत्तराखंड के 70 और बिहार के एक विधायक शामिल हैं। सात घंटे तक मतदान प्रक्रिया के बाद शाम को केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और सत्तापक्ष भाजपा व विपक्ष कांग्रेस के पोलिंग एजेंट की मौजूदगी में मतपेटी को सील कर दिया गया। सील मतपेटी को मंगलवार सुबह दिल्ली भेजा जाएगा। 

विधानसभा में सोमवार को कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच स्पीकर सभाकक्ष में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। राज्य में भाजपा के 57, दो निर्दलीय और कांग्रेस के 11 विधायकों ने मतदान किया। इसके अलावा बिहार के ओबरा विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा ने भी यहां अपने मत का इस्तेमाल किया। वह इन दिनों दून दौरे पर हैं। 

सुबह 10 बजकर पांच मिनट पर सबसे पहले कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अपने मत का प्रयोग किया। भाजपा विधायक और दो निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार और राम सिंह कैड़ा एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत कांग्रेस के 11 विधायक यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार के समर्थन की घोषणा पहले ही कर चुके हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी व्हिप जारी नहीं होता, लिहाजा सत्तापक्ष भाजपा और विपक्ष कांग्रेस ने मतदान को लेकर पूरी सावधानी बरती। भाजपा ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और कांग्रेस ने दो विधायकों राजकुमार व मनोज रावत को पोलिंग एजेंट की जिम्मेदारी सौंपी थी। 

पहले एक घंटे में करीब 53 विधायकों ने मतदान किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत 65वें क्रमांक पर मतदान के लिए पहुंचे। मतदान करने वाले आखिरी विधायक कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल रहे। उन्होंने दोपहर एक बजकर 55 मिनट पर मतदान किया। 

इस आखिरी वोट के लिए पोलिंग एजेंट समेत निर्वाचन ड्यूटी में लगे कार्मिकों का इंतजार करीब डेढ़ घंटे बाद खत्म हो सका। शाम पांच बजे मतदान की समय सीमा समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए पर्यवेक्षक निकुंज किशोर सुंदरे, सहायक निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास और भाजपा व कांग्रेस के पोलिंग एजेंट की मौजूदगी में मतपेटी को सील किया गया। 

विधानसभा सचिव जगदीश चंद ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया निर्विघ्न संपन्न हुई। मतपेटी को केंद्र सरकार के पर्यवेक्षक की देखरेख में सुबह 7.45 बजे हवाई सेवा के जरिए दिल्ली पहुंचाकर लोकसभा के सुपुर्द किया जाएगा। 

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