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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्कूटी की डिक्की खोलकर चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा Dehradun News

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Tue, 18 Feb 2020 01:33 PM (IST)

पुलिस ने परीक्षा के दौरान स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की स्कूटी की डिक्की से पर्स मोबाइल एटीएम कार्ड आदि चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

स्कूटी की डिक्की खोलकर चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा Dehradun News
स्कूटी की डिक्की खोलकर चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। परीक्षा के दौरान स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की स्कूटी की डिक्की से पर्स, मोबाइल, एटीएम कार्ड आदि चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित एटीएम कार्ड की मदद से बैंक खाते में भी सेंध लगा देते थे। इसके लिए वह पहले एटीएम कार्ड का नया पिन जनरेट करते थे। तीनों आरोपित मूल रूप से गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि बीती 10 फरवरी को डीएवी कॉलेज में बीएड की परीक्षा के दौरान सात स्कूटी की डिक्की खोलकर पर्स, मोबाइल, एटीएम कार्ड चोरी हो गए थे। इस मामले में डालनवाला कोतवाली में आरकेपुरम अधोईवाला में रहने वाले अभय कुमार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

इसके बाद आरोपितों को पकड़ने के लिए एसपी सिटी श्वेता चौबे के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। जांच के दौरान सूचना मिली कि चोरी हुए एक एटीएम कार्ड से ओरिएंटल बैंक ऑफ  कॉमर्स की रेसकोर्स ब्रांच में लगे एटीएम से 25 हजार रुपये निकाले गए हैं। पुलिस टीम ने बैंक पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की तो पता चला कि आरोपितों की संख्या तीन है और वह एक कार से एटीएम पहुंचे थे।

वहीं, चोरी हुए मोबाइल में लगे सिम की लोकेशन क्लेमेनटाउन क्षेत्र में पाई गई। इस आधार पर पुलिस कंट्रोल रूम से आशारोड़ी बैरियर और उसके आसपास लगे कैमरे चेक कराए गए तो संदिग्ध कार वहां से निकलती दिखी। कार का नंबर नोट करने के बाद शहर में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई तो पता चला कि तीनों आरोपित घटना से पहले ईसी रोड स्थित एक होटल में रुके थे।

उन्होंने होटल ऑनलाइन बुक किया था। होटल का रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस को आरोपितों का मोबाइल नंबर मिल गया। जिससे पता चला कि आरोपित गाजियाबाद के रहने वाले हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम गाजियाबाद भेजी गई। वहां टीम ने गाजियाबाद पुलिस की मदद से हाईवे व अन्य सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की तो उक्त कार हसनपुर (गाजियाबाद) में दिखाई दी। साथ ही पता चला कि कार नीलगिरी अपार्टमेंट गाजियाबाद में रहने वाले प्रिंस कुमार की है। जो अपने दोस्तों धर्मेंद्र व जितेंद्र निवासी कौशाम्बी (गाजियाबाद) के साथ चोरी और धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देता है। हालांकि, गाजियाबाद में आरोपित उनके ठिकानों पर नहीं मिले।

इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपित दून में ही ईसी रोड क्षेत्र में हैं। यहां रविवार रात उन्हें आनंद भवन वाली गली स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों के पास छह मोबाइल, 9860 रुपये और घटना मे प्रयुक्त कार बरामद की गई है। 

रुड़की और हरिद्वार में भी की ऐसी वारदात

डीआइजी के अनुसार पूछताछ करने पर आरोपितों ने बताया कि चोरी में मिले पर्स, मोबाइल और सिम को तोड़कर नदी में फेंक दिया। आरोपितों ने इसी साल जनवरी और फरवरी में रुड़की के गंगनहर थाना क्षेत्र और हरिद्वार में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया था। वह दिल्ली और बिहार में भी चोरी की कई घटनाएं कर चुके हैं। 

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परीक्षा का करते थे इंतजार

डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि आरोपित स्कूल-कॉलेजों में परीक्षा होने का इंतजार करते थे। इसके लिए वह अखबारों पर नजर रखते थे। परीक्षा के दौरान कमरे में मोबाइल और पर्स ले जाना प्रतिबंधित होता है। इसलिए परीक्षार्थी स्कूटी की डिक्की में ही पर्स, मोबाइल, एटीएम कार्ड आदि रख देते हैं। आरोपित इसी का फायदा उठाते थे।

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