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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जालसाजी में रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारी समेत चार पर मुकदमे का आदेश Dehradun News

By BhanuEdited By:
Updated: Wed, 13 Nov 2019 09:20 AM (IST)

जमीन पर कब्जे के विवाद की तफ्तीश में एसआइटी (भूमि) ने पाया कि जालसाजों ने रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारी से साठ-गांठ कर दस्तावेज ही गायब कर दिए।

जालसाजी में रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारी समेत चार पर मुकदमे का आदेश Dehradun News
जालसाजी में रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारी समेत चार पर मुकदमे का आदेश Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। क्लेमेनटाउन थाना क्षेत्र के सोसायटी एरिया की एक जमीन पर कब्जे के विवाद की तफ्तीश में एसआइटी (भूमि) ने पाया कि जालसाजों ने रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारी से साठ-गांठ कर दस्तावेज ही गायब कर दिए। इसके बाद जालसाजों ने बलपूर्वक महिला की जमीन पर कब्जा कर लिया। एसआइटी ने मामले में तीन कब्जेदारों व रजिस्ट्री कार्यालय के संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमे की संस्तुति करते हुए एसएसपी को जांच रिपोर्ट भेज दी है। 

जानकारी के अनुसार, मलिका विर्दी पत्नी ई.थियोफिलस की सोसायटी एरिया में पांच बीघा के जमीन है। मलिका पति के साथ मुनस्यारी (पिथौरागढ़) में रहती हैं। जमीन की देखभाल की जिम्मेदारी एक रिश्तेदार को दे रखी है। कुछ महीने पहले इस जमीन पर जयवीर सिंह निवासी कुटबा शाहपुर मुजफ्फरनगर, अमित राठौर निवासी सायला बेगमपुर सहारनपुर व मुस्कान निवासी ईश्वर विहार सहस्रधारा रोड ने बलपूर्वक कब्जा कर लिया। 

इसकी जानकारी मलिका को हुई तो वह 23 मार्च को देहरादून पहुंचीं और विरोध किया। इस बात को लेकर उनका विपक्षियों से विवाद भी हुआ। इसमें क्लेमेनटाउन पुलिस द्वारा शांति भंग की कार्रवाई की गई थी। विपक्षी के दावे को चुनौती देते हुए मलिका ने एसआइटी में शिकायत की। 

जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित जमीन के दस्तावेज रजिस्ट्री कार्यालय से गायब हैं। पाया गया कि इन दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी भी नहीं रखी गई। जबकि मलिका ने जमीन के सभी दस्तावेज दिखाए, लेकिन विपक्षी गणों के दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो सका। ऐसे में सामने आया कि विपक्षी गणों ने रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारी के साथ साठ-गांठ कर दस्तावेज गायब किए और उसकी जगह कूटरचित दस्तावेज रख दिया। 

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एसआइटी के अनुसार, तत्कालीन लिपिक रामेंद्र सिंह राणा द्वारा अपने हस्तलेख में विक्रय पत्र तैयार किया गया था। इसमें मजिस्टे्रटी जांच में सफेदा लगे होने की पुष्टि हुई। आइजी गढ़वाल अजय रौतेला ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय के अज्ञात कर्मचारी समेत चार के खिलाफ मुकदमे का आदेश कर दिया गया है।

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