Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड में 10 दिन देरी से पहुंचा मानसून, जून में 37 प्रतिशत कम बरसे मेघ

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    उत्तराखंड में इस वर्ष मानसून 10 दिन देरी से 30 जून को पहुंचा, जिसके कारण जून माह में सामान्य से 37 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. मानसून 10 दिन देरी से 30 जून को उत्तराखंड पहुंचा

    2. जून में प्रदेश में 37 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई

    3. हरिद्वार में सर्वाधिक 79 प्रतिशत वर्षा की कमी रही

    विजय जोशी, देहरादून। उत्तराखंड में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 जून को दस्तक दी, जबकि सामान्य तौर पर यह 20 जून के आसपास प्रदेश में पहुंच जाता है।

    मानसून के करीब 10 दिन देरी से पहुंचने का असर पूरे जून माह की वर्षा पर साफ दिखाई दिया। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार एक जून से 30 जून तक प्रदेश में सामान्य से 37 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।

    हैरानी की बात यह है कि इस वर्ष एक मार्च से 31 मई तक के ग्रीष्मकाल में उत्तराखंड में सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी। लेकिन एक जून के बाद बारिश का सिलसिला कमजोर पड़ गया।

    मानसून की देरी और प्री-मानसून कमजोर रहने से अधिकांश जिलों में वर्षा सामान्य से काफी कम रही। जून के वर्षा आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक कमी हरिद्वार में दर्ज की गई।

    यहां सामान्य 134.3 मिमी के मुकाबले केवल 27.9 मिमी बारिश हुई, जो 79 प्रतिशत कम है। इसके बाद ऊधम सिंह नगर में 59 प्रतिशत, पौड़ी गढ़वाल में 58 प्रतिशत, देहरादून में 47 प्रतिशत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में 46-46 प्रतिशत व चंपावत में 45 प्रतिशत कम वर्षा रिकार्ड की गई।

    प्रदेश के 13 जिलों में बागेश्वर एकमात्र जिला रहा, जहां जून में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। यहां सामान्य 146.3 मिमी के मुकाबले 152.8 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से चार प्रतिशत अधिक है।

    अन्य जिलों में भी वर्षा सामान्य से कम रही। अल्मोड़ा में 22 प्रतिशत, चमोली में 18 प्रतिशत, टिहरी में 12 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में 37 प्रतिशत और उत्तरकाशी में 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग का मानना है कि अब जबकि मानसून उत्तराखंड में सक्रिय हो चुका है, अगले कुछ दिनों में अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे जून के दौरान बनी वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

    पिछले 20 वर्षों में मानसून का आगमन

    • वर्ष, दिनांक
    • 2006, 29 जून
    • 2007, 16 जून
    • 2008, 13 जून
    • 2009, 29 जून
    • 2010, 05 जुलाई
    • 2011, 20 जून
    • 2012, 05 जुलाई
    • 2013, 15 जून
    • 2014, 01 जुलाई
    • 2015, 24 जून
    • 2016 16 जून
    • 2017, 28 जून
    • 2018, 28 जून
    • 2019, 03 जुलाई
    • 2020, 03 जुलाई
    • 2021, 13 जून
    • 2022, 29 जून
    • 2023, 23 जून
    • 2024, 27 जून
    • 2025, 20 जून
    • 2026, 30 जून

    (नोट: उत्तराखंड में 16 जून से 24 जून के बीच मानसून पहुंचने का सामान्य समय है।)

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की विस्तृत एडवाइजरी

    यह भी पढ़ें- भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: बागेश्वर में बंद रहेंगे सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र, जिलाधिकारी का आदेश