देहरादून के मशहूर मोइला टॉप बुधेर ट्रैकिंग रूट पर लगा ताला, वन विभाग के फैसले से भड़के ग्रामीण
चकराता वन प्रभाग ने सुरक्षा कारणों से मोइला टाप बुधेर में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक सैलानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। ...और पढ़ें

लोखंडी के पास पर्यटन स्थल मोइला टाप बुधेर मार्ग पर वन विभाग ने चेतावनी सूचना चस्पा कर पर्यटकों की एंट्री बंद कर दी। ग्रामीण
HighLights
मोइला टाप बुधेर में दो माह के लिए प्रवेश बंद
सुरक्षा कारणों का हवाला देकर वन विभाग का फैसला
स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित, ग्रामीण नाराज
चंदराम राजगुरु, त्यूणी। गर्मी के सीजन में देश के विभिन्न कोनों से पर्यटक पहाड़ के रमणीय स्थलों में घूमने आते हैं। मगर चकराता वन प्रभाग ने जौनसार बावर के मशहूर पर्यटन स्थल लोखंडी के पास मोइला टाप बुधेर में फिलहाल सैलानियों की एंट्री बंद कर दी है।
वन विभाग ने ट्रैकिंग रूट वाले मार्ग के प्रवेश गेट पर ताला लगाकर चेतावनी नोटिस चस्पा किया है। विभाग ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक दो माह सैलानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया।
बाहर से घूमने आए साहसिक पर्यटन के शौकीन कई सैलानी एंट्री बंद होने से निराश लौट गए। स्थानीय लोगों की आर्थिकी से जुड़े पर्यटन स्थल पर सैलानियों की एंट्री बंद होने से ग्रामीण नाराज हैं।
चकराता-मसूरी-त्यूणी हाईवे से जुड़े लोखंडी से कुछ दूर आगे चलकर मशहूर पर्यटन स्थल मोइला टाप बुधेर सैलानियों की सबसे पसंदीदा जगह है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक कुदरत के सुंदर नजारे को देखने एवं प्रकृति के बीच सुकून की तलाश में घूमने आते हैं।
गर्मी के सीजन में यहां पर्यटकों की संख्या सबसे अधिक रहती है। शीतकालीन सीजन में पर्यटक बर्फबारी का खूबसूरत नजारा देखने यहां आते हैं।
साहसिक पर्यटन के शौकीन सैलानी लोखंडी से मोइला टाप बुधेर तक पहाड़ के पगडंडी वाले रास्ते से पैदल पहुंचते हैं।
वन विभाग प्रत्येक पर्यटक से इको टूरिज्म के नाम पर पचास रुपए प्रवेश शुल्क वसूल रहा है। मगर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।
आधारभूत सुविधाओं की कमी से पर्यटकों ने कई बार नाराजगी प्रकट की। मौसम साफ रहने पर कई पर्यटक लोखंडी से मोइला टाप बुधेर घूमने जाते हैं।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश चौहान, रोहन राणा, नरेंद्र सिंह, सुरेश आदि ग्रामीणों ने बताया पहाड़ में ट्रैकिंग के शौकीन पर्यटकों की 15 जुलाई 15 सितंबर तक मोइला टाप बुधेर मार्ग पर एंट्री बंद होने से स्थानीय लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। वन विभाग ने प्रवेश द्वार को बंद कर पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया।
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मौसम साफ रहने से बुधवार व गुरुवार को बाहर से घूमने आए करीब सौ पर्यटक वन विभाग के प्रवेश गेट पर एंट्री बंद होने से निराश लौट गए।
पहाड़ में पर्यटन से ग्रामीणों का रोजगार चल रहा है। वन विभाग के इस तुगलकी फरमान से स्थानीय लोगों की आर्थिकी चौपट हो गई।
वन विभाग प्रत्येक पर्यटक से प्रवेश शुल्क वसूल रहा है। बावजूद इसके ट्रैकिंग रुट वाले मार्ग पर जगह जगह गंदगी का अंबार लगा है।
ट्रैकिंग रुट के वन मार्ग पर जमा कूड़ा निस्तारण की विभाग ने कोई व्यवस्था नहीं की। ट्रैकिंग मार्ग पर जमा प्लास्टिक के कूड़े कचरे को पशु खाकर बीमार पड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के रोजगार एवं आर्थिकी से जुड़े पर्यटन स्थल में सैलानियों की एंट्री बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कड़ा एतराज जताया है।
ग्रामीणों ने कहा एक ओर सरकार पर्यटन विकास से ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत करने का दावा कर रही है। मगर दूसरी ओर वन विभाग की कार्यशैली से स्थानीय लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने सरकार से मौसम साफ रहने पर बाहर से घूमने आए पर्यटकों के लिए प्रवेश खुला रखने की मांग उठाई।
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