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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महंत इंदिरेश अस्पताल ने बच्ची को दिया नया जीवन, जानिए कैसे

By Raksha PanthariEdited By:
Updated: Sun, 02 Dec 2018 06:12 PM (IST)

महंत इंदिरेश अस्पताल ने तीन साल की एक बच्ची को नया जीवन दिया है। बच्ची की सफल हृदय शल्य चिकित्सा की गई।

महंत इंदिरेश अस्पताल ने बच्ची को दिया नया जीवन, जानिए कैसे
महंत इंदिरेश अस्पताल ने बच्ची को दिया नया जीवन, जानिए कैसे

देहरादून, जेएनएन। श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में एमआइसीएस तकनीक से तीन साल की बच्ची की सफल हृदय शल्य चिकित्सा की गई। एमआइसीएस (मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी) मॉडर्न हार्ट सर्जरी की तकनीक है। महंत इंदिरेश में पिछले तीन वर्षों से इस तकनीक से सर्जरी की जा रही है। डॉ. अशोक जयंत को हार्ट सर्जरी का 35 वर्षों का अनुभव है। बच्चों की हार्ट सर्जरी के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत श्री महंत इंदिरेश अस्पताल अनुबंधित है। 

शनिवार को अस्पताल के सभागार में चिकित्साधीक्षक डॉ. विनय राय, डॉ. अशोक जयंत, डॉ. अमर उपाध्याय, डॉ. हरिओम एमडी एनेस्थीसिया ने पत्रकार वार्ता में एमआइसीएस तकनीक की जानकारी दी। बताया कि कालसी देहरादून निवासी बेबी अवनि रावत (तीन साल) पुत्री मुकेश रावत को जन्म से दिल में छेद था, उसकी एक जुड़वा बहन भी है। अवनि की मां ने बताया कि दोनों बहनों का जन्म के बाद समान मानसिक और शारीरिक विकास हो रहा था।

लेकिन, उम्र बढ़ने के साथ अवनि को खांसी-जुकाम रहने लगा और उसका विकास भी कम हो गया। जब उन्होंने बच्ची की जांच करवाई, तो उसके दिल में सुराख के बारे में पता चला। उन्होंने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में परामर्श लिया। सबसे पहले डॉ. अमर उपाध्याय ने अवनि के रोग को डायग्नोज किया, उसके बाद डॉ. अशोक जयंत और उनकी टीम ने एमआइसीएस तकनीक से अवनि की हार्ट सर्जरी की। सर्जरी के बाद अवनि बिल्कुल स्वस्थ है। 

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