उत्तराखंड की महिला कर्मी करेंगी अनोखा प्रदर्शन, इस करवा चौथ हाथों में सजेगी 'ओपीएस के नाम की मेहंदी'
पुरानी पेंशन बहाली के लिए उत्तराखंड महिला मोर्चा करवा चौथ पर 'ओपीएस के नाम की मेहंदी' अभियान चलाएगा।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। करवा चौथ पर इस बार उत्तराखंड की महिलाओं के हाथों में पुरानी पेंशन बहाली की मांग भी सजेगी।
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (एनओपीयूआरएफ) उत्तराखंड महिला मोर्चा ने पर्व के अवसर पर ओपीएस के नाम की मेहंदी’ अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत महिलाएं अपनी हथेलियों पर ‘पुरानी पेंशन बहाल करो’ जैसे संदेश लिखवाकर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अभियान को घर-घर तक पहुंचाएंगी।
ऑनलाइन बैठक में लिया निर्णय
शनिवार को महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रनीता प्रसाद विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रदेश, मंडल, जनपद और ब्लाक स्तर की महिला पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ एनओपीयूआरएफ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए।
संगठन के अनुसार, बैठक में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों से प्रतिभाग किया गया। रनीता प्रसाद विश्वकर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके परिवारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा व सम्मानजनक वृद्धावस्था से जुड़ा विषय है।
उन्होंने महिलाओं से करवा चौथ पर ओपीएस के संदेश वाली मेहंदी लगाकर अभियान में भागीदारी करने की अपील की। प्रदेश महिला उपाध्यक्ष नीतू कार्की ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीकों से पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठा रहे हैं।
अब मातृशक्ति भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएगी। प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कर्मचारियों और शिक्षकों से दो नवंबर को देहरादून में प्रस्तावित रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
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