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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेईई की तैयारी में इन बातों का रखें खास ख्याल

By BhanuEdited By:
Updated: Wed, 22 Mar 2017 05:02 AM (IST)

दो अप्रैल को जेईई मेंस का ऑफलाइन एग्जाम, जबकि आठ व नौ अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा होगी। यदि खास बातों का ख्याल रखा जाए तो इसकी बेहतर तैयारी की जा सकती है।

जेईई की तैयारी में इन बातों का रखें खास ख्याल
जेईई की तैयारी में इन बातों का रखें खास ख्याल

देहरादून, [जेएनएन]: देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थान में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा के दिन करीब आ रहे हैं। इस बीच छात्र बोर्ड परीक्षाओं में भी उलझे हैं। ऐसे में कम वक्त में बेहतर स्टडी कर जेईई मेंस एग्जाम आसानी से क्रैक किया जा सकता है। इसके लिए आपको परीक्षा के तुरंत बाद ही जुटना होगा। 

दो अप्रैल को जेईई मेंस का ऑफलाइन एग्जाम, जबकि आठ व नौ अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा होगी। ऑफलाइन एग्जाम देने वाले छात्रों के पास कम समय बचेगा, जबकि ऑनलाइन एग्जाम देने वालों को अतिरिक्त समय मिलेगा। ऐसे में छात्र इस कम समय में केवल रिवीजन पर ही फोकस करें।

समय का रखें ध्यान 

बीते वर्षों के प्रश्न पत्र देखें तो करीब 45 प्रतिशत सिलेबस 11वीं और 55 प्रतिशत 12वीं का होता है। अंतिम वक्त में पूरा सिलेबस कवर करना संभव नहीं है। ऐसे में समय के हिसाब से सिलेबस बांट लें। 

नए टॉपिक में न उलझें 

अब कुछ ही दिन का समय बचा है। ऐसे में सिलेबस से टू द प्वाइंट चीजें ही पढ़नी होंगी। किसी बड़े चैप्टर या टॉपिक में न उलझें। इससे रिवीजन का भी समय बर्बाद होगा। नया टॉपिक पढऩे से पुरानी चीजें भी फिसलती जाएंगी।

तैयारी का करें आकलन

तैयारी के साथ ही इसका आकलन भी जरूरी है। आपने जो लक्ष्य बनाया था, उसमें कौन-कौन से टॉपिक छूट रहे हैं, यह भी देख लें।

एनसीईआरटी की किताबें पढ़ें 

परीक्षा में फैक्ट बेस्ड प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं। अंतिम दौर में किसी तथ्य की तलाश है तो एनसीईआरटी की पुस्तक बढ़िया विकल्प है। 

इन पर रखें ध्यान 

-ये रिवीजन का वक्त है, तैयार किए गए टॉपिक पर अच्छे से फोकस करें।

-कुछ भी नया पढऩे की जरूरत नहीं है, इससे कंफ्यूजन होगा।

- जेईई में 11वीं व 12वीं का सिलेबस ही पूछा जाता है। अंतिम वक्त विगत वर्षों के पेपर हल करें। 

-मॉक टेस्ट दें, इससे सेल्फ इवेल्यूएशन कर पाएंगे।

-पुराने टॉपिक्स पढ़ें। कठिन विषयों को पढऩे के लिए अधिक समय दें। 

फार्मूले को कागज पर लिखें

बलूनी क्लासेज के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी के अनुसार पढ़ते समय फार्मूलों और अहम बातों को एक अलग कागज पर जरूर लिख लें। हर दिन इसे दोहराते रहें तो फायदा होगा।

एकाग्रता बनाए रखें

वीआर क्लासेज के प्रबंध निदेश वैभव राय के अनुसार उन टॉपिक्स पर एकाग्रता बनाएं, जिन पर आपकी पकड़ मजबूत है। किसी नए टॉपिक से भटक सकते हैं।

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