यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एसोसिएशन का धरना-प्रदर्शन
उत्तराखंड ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। साथ ही मांगों के पूरा ना होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी।

देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एसोसिएशन ने अपनी लंबित पड़ी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन प्रमुख सचिव (ग्राम्य विकास और पंचायतीराज) मनीषा पंवार के रवैये से बेहद नाराज है।
उत्तराखंड ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एसोसिएशन ने पंचायतीराज निदेशालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से प्रमुख सचिव से ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग हटाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गर्इ तो 11 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
वहीं एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील डोबरियाल ने कहा कि प्रमुख सचिव पंचायतीराज और ग्राम्य विकास विभाग के पुनर्गठन में अडंगा लगा रही हैं। वह दोनों विभागों के एकीकरण करने की बजाय ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी का विलय करने के पक्ष में हैं। यह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा। एसोसिएशन की मांग है कि अगर एकीकरण नहीं किया जाता है तो संविधान संशोधन के तहत ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायत सचिवालय का मुख्य सचिव बनाया जाए।
