यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब 50 हजार से अधिक नगदी लेकर चले तो देना होगा प्रमाण
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देहरादून, [जेएनएन]: अगर आप 50 हजार से अधिक नकदी साथ ले जा रहे हैं तो इसके स्रोत का प्रमाण भी साथ ले जाइए, वरना आपकी नकदी जब्त भी हो सकती है। रकम 10 लाख हुई तो आयकर विभाग भी आपसे पूछताछ कर सकता है।
जी, हां चुनाव आचार संहिता लगते ही सरकारी मशीनरी सक्रिय हो चुकी है। चुनाव में धन बल का प्रयोग रोकने के लिए सरकारी मशीनरी हर व्यक्ति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
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चुनाव में पैसों का बोलबाला अधिक रहता है। इसे रोकने के लिए निर्वाचन आयोग की मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। निर्वाचन व्यय के नोडल अधिकारी गुलफाम अहमद के अनुसार इसे रोकने के लिए विशेष तौर पर उड़न दस्ता, वीडियो सर्विलांस और स्टेटिक सर्विलांस टीम बनाई गई हैं। जो पैसों के लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखेगी।
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आचार संहिता लगने से चुनाव संपन्न होने के बाद तक अगर किसी के पास 50 हजार रुपये से अधिक की नकदी मिलती है तो उस व्यक्ति से नकदी के प्रमाण मांगें जाएंगे।
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प्रमाण न देने पर नकदी जब्त हो सकती है। प्रमाण के तौर पर बैंक रसीद, पासबुक या अन्य कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है। नकदी 10 लाख रुपये या इससे अधिक हुई तो तत्काल आयकर विभाग के हवाले कर दिया जाएगा।
