विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाथी और तेंदुए के ताबड़तोड़ हमले, वनकर्मी समेत दो लोग घायल

By gaurav kalaEdited By:
Updated: Thu, 27 Oct 2016 06:43 AM (IST)

देहरादून में हाथी और तेंदुए के आतंक से लोग घबराए हुए हैं। पहले हाथी ने एक वनकर्मी को पटककर घायल कर दिया। वहीं, तेंदुए ने एक व्‍यक्ति पर हमला कर उसे गंभीर रुप से घायल कर दिया।

News Article Hero Image

रायवाला, [जेएनएन]: देहरादून में इन दिनों लोग हाथी और तेंदुए दोनों के आतंक से त्रस्त हैं। रायवाला क्षेत्र के अलग-अलग जगह पर तेंदुए और हाथी के हमले में दो लोग घायल हो गए। राजाजी पार्क की कांसरों रेंज में गश्त पर निकले पार्क के दैनिक वेतन भोगी कर्मी को हाथी ने पटककर घायल कर दिया। वहीं वैदिक नगर में शौच के लिए जंगल गए मजदूर को तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक बीते रोज राजाजी पार्क की टीम कांसरों रेंज में गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान दैनिक वेतन कर्मी गुलाम रसूल (45 वर्ष) व इजराइल कुछ आगे निकल गए।

पढ़ें: जंगली जानवर रौंद रहे फसल, किसानों के निवाले पर संकट
इसी बीच रेलवे ट्रैक पर हाथियों का झुंड आ गया। कर्मियों ने हाथियों को ट्रैक से हटाने का प्रयास किया। तभी बच्चे के साथ मौजूद हथिनी बिगड़ गई और कर्मियों पर हमला बोल दिया। दोनों कर्मी अलग-अलग दिशाओ में दौड़े, लेकिन हथिनी ने गुलाम रसूल को जमीन पर पटक कर बुरी तरह घायल कर दिया।

पढ़ें: हाथियों का काल बना हरिद्वार-देहरादून रेलवे ट्रैक, 29 साल में 24 हाथियों की मौत
साथी कर्मी के शोर मचाने पर अन्य वन कर्मी वहां पहुंचे और हवा में फायर कर हथिनी को वहां से भगाया। बुरी तरह घायल गुलाम रसूल को वनकर्मियों ने सीएमआइ अस्पताल देहरादून मे भर्ती कराया है। वन क्षेत्राधिकारी राकेश नेगी ने बताया कि कर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है।

पढ़ें: हरिद्वार के धनौरी में हाथियों का तांडव, गन्ने और धान की फसल को रौंदा
दूसरी ओर मंडावली जिला बिजनौर का निवासी रोहतास (45 वर्ष) वैदिक नगर नंबर तीन मे किराए पर कमरा लेकर रहता है। बीती शाम को करीब छह बजे वह अपने एक साथी तेजपाल के साथ घर से कुछ दूर फारेस्ट चौकी के पास जंगल में शौच के लिए गया था। तभी तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया।

पढ़ें: तेंदुए के जबड़े से खींचकर बचाई बच्चे की जान
संघर्ष कर रोहतास ने खुद को तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया। शोर-गुल सुन उसका साथी भी वहां पहुंच गया। आस-पास के लोगों की मदद से उसे राजकीय चिकित्सालय भेजा गया है। उसके कमर और पैरो में तेंदुए के पंजे के गहरे निशान है।

पढ़ें:-अल्मोड़ा में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ, कई मवेशियों का कर चुका है शिकार

पढ़ें:-'शेर' बन किया तेंदुए का सामना, 20 मिनट तक चला संघर्ष फिर...

पढ़ें: बकरियों को मारने पहुंचा तेंदुआ, तभी ग्रामीण से हो गया सामना...