यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दीपावली के धूम-धड़ाके ने डेंगू के मच्छरों को किया चित
लुढ़कते पारे के बाद दीपावली के धूम-धड़ाके ने डेंगू के मच्छर को तकरीबन ठंडा कर दिया है। आतिशबाजी से उत्पन्न गैसों से डेंगू का पूरी तरह सफाया होने की उम्मीद है।

देहरादून, [जेएनएन]: लुढ़कते पारे के बाद दीपावली के धूम-धड़ाके ने डेंगू के मच्छर को तकरीबन 'ठंडा' कर दिया है। जानकारों का कहना है कि दीपावली के दौरान हुई आतिशबाजी से उत्पन्न गैसों से डेंगू का पूरी तरह सफाया होने की उम्मीद है। इसके अलावा बढ़ती सर्दी भी डेंगू के मुफीद नहीं। ऐसे में अब डेंगू से मुक्ति की उम्मीद बलवती हो गई है।
दून समेत प्रदेशभर में डेंगू लगातार असर दिखा रहा है। जनवरी से अब तक इसके तकरीबन 600 मरीज सामने आ चुके हैं। इस दफा डेंगू का स्ट्रेन कुछ कमजोर जरूर रहा, फिर भी इसने दो लोगों की जान ले ली।
इसकी शुरुआत होते तक अफसर यह दंभ भरते रहे कि वह डेंगू से लडऩे को तैयार हैं पर इस पर लगाम फिर भी नहीं लग सकी। सोर्स डिटेक्शन सर्वे, फॉगिंग आदि के बाद भी स्थितियां बदतर होती चली गईं।
जनपद देहरादून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में इसका ज्यादा असर रहा। बहरहाल अब आतिशबाजी के धुएं और सर्द मौसम ने विभाग को आस बंधाई है।
इसे लेकर जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि वातावरण में ठंडक लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डेंगू के मरीज भी अपेक्षाकृत कम हुए हैं। इसके अलावा पटाखों से निकलने वाले धुएं से भी मच्छर मर जाते हैं।

