देहरादून में बच्चा अपहरण कर बेचने वाले चार दोषियों को 10 साल की कैद, सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड
देहरादून में बच्चे के अपहरण और बेचने के मामले में अदालत ने चार दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। दो वर्षीय बच्चे को बिजनौर में दो लाख रुपये में बेचा गया था, जबकि दूसरे बच्चे को घर के पास छोड़ दिया गया था।

HighLights
देहरादून में बच्चे के अपहरण और बिक्री पर चार दोषी।
अदालत ने सभी दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई।
दो वर्षीय बच्चे को बिजनौर में दो लाख में बेचा गया।
जागरण संवाददाता, देहरादून। गढ़ी कैंट क्षेत्र से दो वर्ष के बच्चे का अपहरण कर बिजनौर में बेचने के मामले में अदालत ने चार लोगों को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मदन राम की अदालत ने चारों दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाते हुए सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव गुप्ता ने बताया कि इस मामले में जनवरी 2025 को कैंट थाने में दो बच्चों आकाश और विकास को अगवा कर ले जाने के मामले में पांच आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
बच्चों की मां रीना ने शिकायत की थी कि 16 दिसंबर 2024 को उनका फुफेरा भाई राकेश उन्हें और उनके दो बच्चों को बहला-फुसलाकर बिजनौर ले गया।
वहां राकेश ने अपने साथी राहुल और उसकी पुत्री तान्या के साथ मिलकर उसके दो वर्षीय बच्चे को धामपुर क्षेत्र में प्रियंका और सेंटी को दो लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद दूसरे पांच वर्षीय बच्चे को देहरादून स्थित उसके घर के पास छोड़ दिया।
13 जनवरी को पुलिस ने चारों आरोपितों को धामपुर और अमरोहा से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पांच हजार का इनाम घोषित होने के बाद मार्च में राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बुधवार को अदालत ने इस मामले में चार को दोषी मानते हुए राकेश निवासी मोहल्ला जाटान, बिजनौर, तान्या निवासी सहस्रधारा रोड देहरादून, प्रियंका और सेंटी निवासी धामपुर, बिजनौर को 10-10 साल की सजा सुनाई और जुर्माना लगाया।
अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इससे पहले 10 अगस्त को एक अन्य आरोपित राहुल निवासी सहस्रधारा रोड को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया था।

