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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एफआरआइ का दीक्षांत समारोह: केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर बोले, स्वीकार करें वन संरक्षण की चुनौतियां

By Raksha PanthariEdited By:
Updated: Sat, 07 Sep 2019 08:46 PM (IST)

केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने वन अनुसंधान के लिए समर्पित हुए पासआउट छात्रों को वन संरक्षण की चुनौतियों को स्वीकार करने का आह्वान किया।

एफआरआइ का दीक्षांत समारोह: केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर बोले, स्वीकार करें वन संरक्षण की चुनौतियां
एफआरआइ का दीक्षांत समारोह: केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर बोले, स्वीकार करें वन संरक्षण की चुनौतियां

देहरादून, जेएनएन। वन अनुसंधान संस्थान (सम) विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में एमएससी और पीएचडी करने वाले 315 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। वहीं, एमएससी के नौ छात्रों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से नवाजा गया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने वन अनुसंधान के लिए समर्पित हुए पासआउट छात्रों को वन संरक्षण की चुनौतियों को स्वीकार करने का आह्वान किया।

शनिवार को एफआरआइ के मुख्य भवन में दीक्षांत समारोह का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने विभिन्न विषयों में एमएससी करने वाले 253 और पीएचडी करने वाले 62 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की। उन्होंने वन अनुसंधान में पेशेवर जगत का हिस्सा बनने जा रहे छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में वन संरक्षण चुनौती से कम नहीं। वन संरक्षण से जुड़ चुकी भावी पीढ़ी को वनों पर आश्रित और इनके इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों को जोड़कर काम करना चाहिए। 

साथ ही उन्होंने वन संवर्धन की दिशा में किए जा रहे बेहतर कार्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते पांच साल में 15 हजार वर्ग किमी वनों का विस्तार हुआ है। पेरिस समझौते के अनुसार वर्ष 2030 तक 2.5 से तीन बिलियन टन कार्बन डाईऑक्साइड के समान अतिरिक्त कार्बन सिंक (वातावरण से कार्बन डाईऑक्साइड को अवशोषित करना) क्षमता विकसित करनी है। इसके लिए स्कूली स्तर पर नर्सरी की महत्ता को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिन स्कूलों में जगह खाली है, वहां वन विभाग पौधारोपण का काम करेंगे। दीक्षांत समारोह में भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आइसीएफआरइ) के महानिदेशक व कुलाधिपति डॉ. एससी गौरोला, एफआरआइ के निदेशक और कुलपति एएस रावत आदि उपस्थित रहे।

इन्हें मिला गोल्ड मेडल

निधि, ओद्रिला बसु, शबनम बंधोपाध्याय (वानिकी), अजीन शेख, मितिनम जमो (पर्यावरण प्रबंधन), प्रिया बिष्ट, सुब्रत पाल (काष्ठ विज्ञान और प्रौद्योगिकी), विजया कुमार, गुरसिमरन कौर बग्गा (सेल्यूलोज एंड पेपर टेक्नोलॉजी)

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