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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Unlock-1: उत्तराखंड में आठ जून के बाद चारधाम यात्रा को सरकार तैयार, केंद्र की अगली गाइडलाइन का इंतजार

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Published: Tue, 02 Jun 2020 08:37 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 02 Jun 2020 09:58 PM (GMT+05:30)

सरकार आठ जून के बाद चारधाम यात्रा को तैयार है। श्रद्धालुओं को सीमित संख्या में सुरक्षित शारीरिक दूरी के मानकों के अनुपालन के साथ इजाजत दी जाएगी।

Unlock-1: उत्तराखंड में आठ जून के बाद चारधाम यात्रा को सरकार तैयार, केंद्र की अगली गाइडलाइन का इंतजार
Unlock-1: उत्तराखंड में आठ जून के बाद चारधाम यात्रा को सरकार तैयार, केंद्र की अगली गाइडलाइन का इंतजार

देहरादून, राज्य ब्यूरो। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटी राज्य सरकार आठ जून के बाद चारधाम यात्रा को तैयार है। पहले चरण में प्रदेश और अगले चरण में अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं को सीमित संख्या में सुरक्षित शारीरिक दूरी के मानकों के अनुपालन के साथ इजाजत दी जाएगी। सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने इसकी पुष्टि की। हालांकि, सरकार को केंद्र की अगली गाइडलाइन का इंतजार है, जिससे धार्मिक स्थलों के लिए श्रद्धालुओं की संख्या का निर्धारण हो सके। इसके बाद यात्रा शुरू करने की तिथि का एलान किया जाएगा। 

केंद्र सरकार ने अनलॉक-वन में आठ जून के बाद धार्मिक स्थलों को खोलने की छूट देने का निर्णय लिया है। इसे देखते हुए राज्य सरकार भी यहां की अर्थव्यवस्था में अहम भागीदारी निभाने वाली चारधाम (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) यात्रा शुरू कराने को लेकर मंथन में जुट गई है। सरकारी आंकड़ों को ही देखें तो राज्य में सामान्य दिनों में प्रतिवर्ष साढ़े तीन करोड़ पर्यटक आते हैं, जिसमें 44.2 फीसद की भागीदारी श्रद्धालुओं की है। 

चारधाम यात्रा शुरू होने से पर्यटन को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार की ओर से भी पूर्व में केंद्र से आग्रह किया गया था कि चारधाम यात्रा को छूट दी जाए। अब जबकि आठ जून के बाद धार्मिक स्थलों को खोले जाने की छूट दी गई है तो प्रदेश सरकार भी इसके लिए तैयार है। सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राज्य में आठ जून के बाद सीमित संख्या में चारधाम यात्रा शुरू की जाएगी। इसके स्वरूप को लेकर मंथन अंतिम चरण में है। 

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कोशिश ये है कि पहले राज्य और कुछ समय बाद बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं को सीमित संख्या में यात्रा की इजाजत दी जाए। यह पूछे जाने पर कि संख्या का निर्धारण किस हिसाब से होगा, सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि धार्मिक स्थलों में आने-जाने को संख्या का निर्धारण समेत अन्य बिंदुओं पर केंद्र की विस्तृत गाइडलाइन आठ जून तक आ जाएगी। फिर इसके आधार पर ही चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों की संख्या आदि का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही राज्यों से समन्वय स्थापित कर कदम उठाए जाएंगे।

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