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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus: कोरोना के खिलाफ जंग में एम्स बना रहा सुरक्षा कवच Dehradun News

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Updated: Sat, 04 Apr 2020 02:07 PM (IST)

अपने यहां मास्क बनाने वाला एम्स प्रशासन अब आइसोलेशन वार्ड में प्रयुक्त होने वाले फेस शील्ड (चेहरे का कवच) स्वयं बना रहा है। प्रतिदिन यहां सौ फेस शील्ड तैयार किए जा रहे हैं।

Coronavirus: कोरोना के खिलाफ जंग में एम्स बना रहा सुरक्षा कवच Dehradun News
Coronavirus: कोरोना के खिलाफ जंग में एम्स बना रहा सुरक्षा कवच Dehradun News

ऋषिकेश, हरीश तिवारी। चिकित्सा के क्षेत्र में फ्रंटलाइन में काम करने वाले हेल्थ वर्कर की सुरक्षा को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) चुनौती की तरह ले रहा है। अपने यहां मास्क बनाने वाला एम्स प्रशासन अब आइसोलेशन वार्ड में प्रयुक्त होने वाले फेस शील्ड (चेहरे का कवच) स्वयं बना रहा है। प्रतिदिन यहां सौ फेस शील्ड तैयार किए जा रहे हैं।

एम्स ऋषिकेश कोरोना महामारी के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा है। यहां कोरोना की जांच का कार्य शुरू हो चुका है। मास्क की मांग बढ़ने पर इसकी कमी को एम्स ने स्वयं पूरा किया है। यहीं पर कपड़े के मास्क बनवाए जा रहे हैं। कोरोना के आशंकित मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाता है। 

इसके अतिरिक्त यहां के ट्रामा सेंटर में सौ बेड अलग से आरक्षित किए गए हैं। ऐसे वार्ड में पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट निहायत जरूरी है। जिसमें फेस शील्ड यानी फेस मास्क भी महत्वपूर्ण है। इसकी कमी को देखते हुए एम्स के निदेशक प्रो. रविकांत के मार्गदर्शन में डीन हॉस्पिटल अफेयर स्टाफ ने इस तरह के शील्ड बनाने का काम शुरू कर दिया है।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि इसको बनाने में पॉली विनाइल क्लोराइड (पीवीसी) सीट के साथ फॉम, रबड़ और इलास्टिक का प्रयोग होता है, जो कम लागत में तैयार हो रहा है। यह पूरी तरह से थ्री-डी प्रिंट्रेड है। इसका एक ही बार प्रयोग किया जा सकता है। बताया कि आइसोलेशन वार्ड में काम करने वाले फ्रंटलाइन वर्कर इसे उपयोग में लाएंगे। सौ फेस शील्ड प्रतिदिन बन रहे हैं। अब तक 700 शील्ड तैयार हो चुके हैं। निदेशक ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने के लिए एम्स की टीम पूरी तन्मयता से काम कर रही है।

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64 सैंपल जांच को भेजे

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में कोरोना आशंकित 64 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गये। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. हरीश थपालियाल ने बताया कि अभी तक यहां कुल 1294 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। चौदह दिन निगरानी की बाद 28 लोगों की निगेटिव रिपोर्ट आई है। जांच के पश्चात कुल 53 लोगों की निगेटिव रिपोर्ट संस्थान को मिली है। उन्होंने बताया कि 61 लोगों को जांच के बाद होम क्वारंटाइन के लिए भेजा गया है।

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